वायरल बुखार (viral fever) के लिए घरेलू उपचार

वायरल बुखार (Viral Fever) के लिए घरेलू उपचार

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  • बरसात के मौसम में अकसर अस्पतालों में उल्टी, दस्त, बुखार के मरीजों की बाढ़ सी आ जाती है। हर वार्ड में इन बीमारियों से ग्रस्त मरीज अटे पड़े रहते हैं। इस मौसम में ऐसी बीमारियां फैलने की मुख्य वजह वायरल इन्फेक्शन होता है। वायरल फीवर अगर घर के किसी एक सदस्य हो जाए तो समझो कि जल्दी ही बाकी सदस्य भी इसकी चपेट में आने वाले हैं। तापमान में अचानक परिवर्तन होने या शहर, कस्बे में संक्रमण होने पर अधिकतर लोग वायरल बुखार से पीडि़त होते हैं। वायरल बुखार (Viral Fever) एक मौसमी संक्रमण वाला बुखार है। इस बुखार से निपटने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे आजमाकर भी आराम पा सकते हैं। वायरल बुखार के के लिए प्राकृतिक इलाज सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध हैं। हालांकि, तबियत ज्यादा बिगडऩे पर किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना ही फायदेमंद है।

    वायरल बुखार का इलाज – Viral Fever ka Gharelu ilaj – Home Remedies Hindi




    धनिया चाय बनाकर पाए राहत

    धनिया के बीज में कई ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर को विटामिन देते हैं। ये विटामिन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती प्रदान करते हैं। धनिया में मौजूद एंटीबायोटिक तत्व शरीर को वायरल संक्रमण से लडऩे की शक्ति देते हैं। धनिया चाय बनाने के लिए एक गिलास पानी में एक बड़ा चम्म्च धनिया के बीच डालकर उबालें। इसके बाद इस उबले पानी में थोड़ा दूध और चीनी मिलाएं। वायरल बुखार में आराम देने वाली धनिया चाय तैयार है। इसे पीएं और आराम से सो जाएं।

    डिल बीज का काढ़ा

    शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाकर शरीर को आराम देने के अलावा डिल बीज शरीर के तापमान को कम करने में भी लाभकारी हैं। डिल बीज का काढ़ा वायरल बुखार में राहत देकर शक्तिशाली एंटीबॉडी एजेंट का कार्य करता है। एक कप उबलते पानी में डिल बीज डालकर उबालें। इसमें एक चुटकी दालचीनी डालकर गर्म चाय की तरह पीएं, आराम मिलेगा।

    तुलसी के पत्ते का काढ़ा- रामबाण औषधि

    भारत में वायरल बुखार (Viral Bukhar) के लक्षण नजर आते ही प्राकृतिक उपचार के लिए सबसे प्रभावी और व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली औषधि तुलसी के पत्ते हैं। बैक्टीरियारोधी, कीटाणुनाशक, जैविक विरोधी आदि गुण तुलसी को वायरल बुखार में सबसे उत्तम औषधि बनाते हैं। इसके लिए आधे से एक चम्मच तक लौंग पाउडर को करीब 20 ताजा और साफ तुलसी के पत्तों के साथ एक लीटर पानी में डालकर तब तक उबालें जब तक कि पानी सूखकर आधा न रह जाए। इस काढ़े का हर दो घंटे में पीने से वायरल फीवर में आराम मिलेगा।




    चावल स्टार्च

    वायरल बुखार (Viral Fever) के इलाज में पुराने समय से आम तौर पर चावल स्टार्च (कांजी या पीछ) इस्तेमाल होता है। यह पारंपरिक उपाय शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाकर शरीर को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। वायरल बुखार से पीडि़त बच्चों और बड़े लोगों के लिए यह विशेष रूप से एक प्राकृतिक पौष्टिक पेय माना जाता है। चावल स्टार्च बनाने के लिए एक भाग चावल और आधा भाग पानी डालकर चावल के आधा पकने तक पकाएं। इसके बाद पानी को निथार कर अलग कर लें। इसमें स्वाद के अनुसार नमक मिलाकर गर्म-गर्म पीएं। यह वायरल बुखार में बहुत लाभ्कारी है।

    सूखे अदरक का मिश्रण

    अदरक में एंटी फ्लेमेबल, एंटीऑक्सिडेंट और वायरल बुखार के लक्षणों को कम करने के गुण होते हैं। इसके चलते वायरल बुखार (Viral Fever) में स्वास्थ्य के लिए यह बेहद लाभकारी है। वायरल बुखार पीडि़तों के लिए शहद के साथ सूखी अदरक का प्रयोग अति उत्तम माना गया है। एक कप पानी में दो मध्यम आकार के सूखे टुकड़े अदरक या सौंठ पाउडर को उबालें। दूसरे उबाल में अदरक के साथ थोड़ी हल्दी, काली मिर्च, चीनी आदि मिलाकर उबालें। इसे दिन में चार-पांच बार थोड़ा-थोड़ा पीएं। वायरल बुखार में निश्चित आराम मिलेगा।

    मेथी के पानी का उपयोग फायदेमंद

    मेथी के बीज हर घर की रसोई में आसानी से मिल जाते हैं। मेथी के बीजों में डायेसजेनिन, सपोनिन्स और एल्कलॉइड जैसे औषधीय गुण होते हैं। इन गुणों के चलते मेथी वायरल बुखार (Viral Fever) के लिए एक अच्छी औषधि मानी जाती है। वायरल बुखार के इलाज के लिए आधा कप पानी में एक बड़ा चम्मच मेथी के बीज भिगोकर रोज सवेरे नियमित अंतराल पर पीएं। मेथी के बीज, नींबू और शहद का एक मिश्रण बनाकर भी इसका प्रयोग किया जा सकता है।




    मनक्का, अजवायन, छोटी इलायची और तुलसी पत्ता, सौंफ का काढ़ा

    वायरल फीवर (Viral Bukhar) या अन्य बुखार होने पर मनक्का, अजवायन, छोटी इलायची और तुलसी पत्ता, सौंफ को नमक और चीनी मिलाकर बनाया काढ़ा रोजाना तीन-चार पीना उपयोगी है। छोटे बच्चों े लिए तो खास तौर पर यह नानी-दादी का एक कारगर नुस्खा है।

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