जानिए शुक्र ग्रह के बारे में – shukra grah in jyotish

जानिए शुक्र ग्रह के बारे में – Shukra Grah in Jyotish

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  • भारतीय ज्योतिष में शुक्र (Venus – Shukra ) देवता दैत्य गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हैं । प्रेम , विवाह , वीर्य , काम शक्ती, सुगंधित सौन्दर्य सामग्री , कामेच्छा , भोग-विलास , सुख – समृद्धि , नृत्य कला , संगीत , अभिनय , वाहन और जीवन को सुखमय बनाने के संसाधनों के कारक शुक्र देवता का स्वभाव मूलतः सत्रैणमाना जाता है । दक्षिण पूर्व दिशा के स्वामी शुक्र वृष व तुला राशि के स्वामी हैं । दैत्य गुरु शुक्र कन्या राशि में नीच व मीन राशि में उच्च के हो जाते हैं । वृष लग्न की कुंडली में बुद्ध व तुला लग्न की कुंडली में शनी को इष्ट देवता माना जाता है । मकर व मिथुन लग्न की कुंडली के इष्ट देव शुक्र देवता (Shukr Devta ) को ही माना जाता है । शुक् देवता का प्रिय रंग सफ़ेद, धातु रजत व रत्न हीरा है । कुबेर के ख़ज़ाने के रक्षक शुक्र जल तत्व ग्रह हैं और सातवीं दृष्टि से देखते हैं । शुक्र देवता कुंडली के चौथे भाव में दिशा बलि हो जाते हैं । इनकी महादशा अन्य अभी ग्रहों से अधिक बीस वर्ष की होती है । ये भरणी , पूर्वाफाल्गुनी और पूर्वाशाढा नक्षत्र के स्वामी हैं ।

    शुक्र ग्रह (Shukr Grah) की कुछ विशेष जानकारी – Venus Planet Hindi




    दिन: शुक्रवार (Friday)

    रंग: सफ़ेद

    दिशा: दक्षिण पूर्व (South-East)

    राशि स्वामी: शुक्र

    नक्षत्र स्वामी: भरणी , पूर्वाफाल्गुनी और पूर्वाशाढा

    रत्न: हीरा

    धातु: रजत

    देवी: माँ दुर्गा

    मित्र ग्रह: शनी, बुध (Shani Bhudh)

    शत्रु ग्रह: सूर्य , मंगल (Surya Mangal)

    उच्च राशि: मीन (Meen-Pisces)

    नीच राशि: कन्या

    महादशा समय: 20 वर्ष

    शुक्र का बीज मंत्र: ॐ शं शुक्राय नमः

    शुभ शुक्र के लक्षण:

    • वैवाहिक जीवन में मधुरता रहना
    • भोग – विलास की वस्तुओं में बढ़ौतरी होना
    • शयन सुख प्राप्त होना
    • मान यश की प्राप्ति होना
    • पदोन्नति मिलना
    • जातक मीठा बोलने वाला होता है
    • जातक गायन , वादन , नृत्य , अभिनय कला में निपुण होता है



    अशुभ शुक्र के लक्षण : Effects of Malefic Venus – Ashubh Shukr Ke lakshan

    • आर्थिक कष्ट आना
    • स्त्री सुख में कमी आना
    • सांसारिक सुखों में कमी आना
    • गुप्त रोग हो जाना
    • कामवासना का बढ़ जाना
    • दाम्पत्य जीवन में कड़वाहट आना

    शुक्र ग्रह की शांति के उपाय – Shukr grah Shanti Upay




    • अशुभ शुक्र के कुप्रभाव को काम करने के लिए चाँदी , चावल , दूध , सफ़ेद वस्त्र का दान करें ।
    • नित नियम से दुर्गा सप्तशी का पाठ करें
    • शुक्रवार को कन्या पूजन करें व कन्याओं को भोजन कराएँ
    • शुक्रवार का व्रत करें

    अगर कुंडली में शुक्र का बलाबल कम हो तो हीरा धारण किया जा सकता है । हीरे को सोने में मिडल फ़िंगर में धारण किया जाता है। हीरा धारण करने से पूर्व अपनी कुंडली किसी योग्य ज्योतिषी को अवश्य दिखा लें ।

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