मेंहदी (heena) – श्रृंगार के साथ औषधि भी

मेंहदी (Heena) – श्रृंगार के साथ औषधि भी

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  • पूरे भारत में मेंहदी एक शृंगार सामग्री के साथ-साथ औषधियुक्त गुणों को भी अपने अंदर समाए हुए है। सोलह शृंगारों में मेंहदी को भी एक है। मेंहदी (Heena – Mehndi) जहां सौंदर्य को बढ़ाती है, वहीं इसकी तासीर ठंडी होने से भारत में स्त्रियां और लड़कियां इसे हाथों-पैरों और बालों में लगाती हैं। हालांकि, बालों को झडऩे और सफेद होने से से रोकने के लिए पुरुष और जवान युवक भी बालों में मेंहदी लगाते हैं। कई क्षेत्रों और भाषाओं में मेंहदी को हिना भी कहा जाता है। मेंहदी (Heena – Mehndi) से दिमाग में ठंडक मिलती है। मेंहदी के पेड़ सदाबहार झाडिय़ों के रूप में पाये जाते हैं। महिलाए शृंगार में इसका प्रयोग खूब करती हैं। मेंहदी (Heena) के पेड़ की पत्तियां हरे रंग की होती हैं जिसे पीसकर लगाने से लाल रंग का निखार कई दिनों तक रहता है। मेंहदी का स्वाद कसैला होता है।

    कई राज्यों में उगती है गुणकारी मेंहदी




    मेंहदी के पेड़ की पत्तियों की लंबाई करीब 1 इंच आकार अंडे के जैसे होते हैं। इसके फूल अत्यंत महकदार होते हैं और फल मटर के समान, गोलाकार होते हैं जिनके भीतर छोटे-छोटे त्रिभुज की आकृति के चिकने अनेक बीज होते हैं। इसमें अक्तूूबर-नवंबर में फूल और उसके बाद फल लगते हैं। मेंहदी (Heena) की पत्तियों में टैनिन, वासोन, मैलिक एसिड, ग्लूकोज मैनिटोल, वसराल और म्यूसिलेज आदि तत्च पाए जाते हैं। मेंहदी (Heena – Mehndi) की पत्तियां रंजक द्रव्य के रूप में इस्तेमाल होती हैं। यह पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के शुष्क पर्णपाती वनों में पाई जाती हैं। श्रृंगार प्रसाधनों में अहम होने से मेंहदी स्त्रियों में बहुत लोकप्रिय है।

    मेंहदी के उपयोग और फायदे – Mehndi ke fayde – Heena Benefits Hindi

      • मेंहदी (Heena – हिना) का प्रयोग बालों को सुदंर बनाने के अलावा इसकी तासीर ठंडी होने से बालों में चमक के साथ-साथ दिमाग भी शांत रखती है।
      • मेंहदी की ठंडी तासीर खून के विकार, उल्टी, कब्ज, कुष्ठ, बुखार, जलन, रक्तपित्त, पेशाब करने में कठिनाई जैसे शारीरिक विकारों को दूर करती है।
      • हाई ब्लड प्रेशर से पीडि़त व्यक्ति के पैरों के तलवों और हथेलियों पर मेंहदी का लेप काफी आरामदायक है। शरीर की बढ़ी हुई गर्मी बाहर निकालने के लिए भी मेंहदी लगाई जाती है।
      • रात को साफ पानी में मेंहदी (Heena – Mehndi) भिगोकर सवेरे छानकर पीने से खून की सफाई होने के अलावा शरीर के अंदर की गर्मी भी दूर हो जाती है।



    • मेंहदी के फूलों को पानी में पीसकर कपड़े से छान कर इसमें शहद मिलाकर पीने से गर्मी से पैदा सिरदर्द शीघ्र ठीक हो जाता है।
    • मेंहदी (Heena) पेस्ट में दही और आंवला का पाउडर मिलाकर 2- 3 घंटे बालों में लगाने से बाल घने, मुलायम, काले और लंबे होने के अलावा स्वस्थ भी होते हैं।
    • मेंहदी के पत्तों को पानी में भिगोकर रखकर थोड़ी देर बाद छानकर इसके गरारे करने से मुंह के छाले शीघ्र शांत हो जाते हैं।
    • मेंहदी के बीजों को बारीक पीसकर, घी मिलाकर गोलियां बना लें। इन गोलियों को रोजाना सुबह-शाम पानी के साथ खाने से खुनी दस्त ठीक होता है।
    • मेंहदी (Heena) और एरंड के पत्तों को बराबर मात्रा में पीसकर थोड़ा गर्म कर घुटनों पर लेप करने से घुटनों की पीड़ा गायब हो जाएगी।
    • शरीर में आग से जले स्थान पर मेंहदी की छाल या पत्तों को पीसकर गाढ़ा लेप करने से जख्म जल्दी ठीक होता है।
    • ठंडक भरी मेंहदी को पीसकर लगाने से दर्द में राहत मिलती है। सिर में दर्द, यहां तक कि माइग्रेन के दर्द को ठीक करने की क्षमता भी मेंहदी मेें होती है।
    • मेंहदी (Heena – Mehndi) पेट की बीमारी में भी आरामदायक है। साथ ही मेंहदी में टीबी को दूर भगाने के गुण भी हैं। इसकी पत्तियों को पीसकर इस्तेमाल करने से टीबी से राहत मिलती है।

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