जाने किडनी रोग और उसके लक्षण (kidney disease symptoms)

जाने किडनी रोग और उसके लक्षण (Kidney Disease Symptoms)

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  • मानवीय शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने में किडनी का कार्य बहुत ही अहम है। किडनी शरीर से विषाक्त पदार्थों को छानकर मूत्र के रूप में निकाल शरीर को स्वस्थ रखने के अलावा खून के शुद्धीकरण का अहम कार्य भी करता है। इसके अलावा भी शरीर में पानी का संतुलन, अम्ल और क्षार का संतुलन, खून के दबाव पर नियंत्रण, रक्त कणों के उत्पादन में सहयोग और हड्डियों को मजबूत करने में भी किडनी यानि गुर्दा अहम है। हालांकि यक सच्चाई यह भी है कि लापरवाही के चलते भारत में कैंसर और हृदय रोग के बाद सर्वाधिक लोगों की मौत किडनी (Kidney) की बीमारी से होती है। खराब जीवन शैली और कभी-कभी दवाइयों के इस्तेमाल से किडनी पर प्रतिकूल असर पड़ता है। किडनी (Kidney) के रोगों के बारे में सबसे अहम बात यह है कि इसकी बीमारी का पता शुरुआती अवस्था नहीं चलता है, लेकिन अंतिम अवस्था में चलता है जब अकसर बीमारी लाइलाज हो जाती है। किडनी के रोगों के बहुत देर से पता चलने के कारण इसे साइलंट किलर भी कहते हैं। ऐसे में किडनी (Kidney) के बीमारी की प्रथम अवस्था को समझने के लिए उसके लक्षणों का ज्ञान होना जरूरी है।

    किडनी रोग के लक्षण – Kidney Rog Ke Lakshan – Kidney Disease Symptoms




    यहां कुछ ऐसे अहम लक्षण बताए जा रहे हैं जिन्हें जानने से आप किडनी की बीमारी को काफी हद तक समझ सकेंगे।

    पेशाब की मात्रा और रंग में बदलाव

    किडनी में इंन्फेक्शन होने पर सबसे पहले तो रूटीन युरीनरी कार्यों में बदलाव पैदा हो जाता है। अब तक हुए शोधों के अनुसार कुछ निम्रलिखित शुरुआती लक्षण हैं:

    • किडनी (Kidney) के रोगग्रस्त होने की पहली अवस्था में मूत्र या पेशाब आने और उसकी मात्रा में कुछ ऐसे बदलाव नजर आने लगते हैं :
    • पेशाब की मात्रा या तो बढ़ जाती है या घट जाती है।
    • टॉयलेट का रंग गाढ़ा हो जाता है।
    • बार-बार पेशाब आने जैसा महसूस होता है लेकिन करने पर नहीं होता।
    • रात को बार-बार पेशाब जाना किडनी के अस्वस्थ होने का प्रथम और प्रधान लक्षण है।

    पेशाब करते समय दर्द या जलन महसूस होना

    जब पेशाब करते समय दर्द और जलन जैसा अनुभव हो तो समझना चाहिए कि मूत्र मार्ग में कोई संक्रमण हुआ है। ऐसी अवस्था में कई बार बुखार भी अनुभव होने लगता है।

    पेशाब में खून आना

    जब कभी पेशाब में खून आए, तब बिना समय गवाएं डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए। यह किडनी (Kidney) के खराब होने या संक्रमण का निश्चित संकेत माना जाता है।

    पेशाब में झाग एक संकेत

    पेशाब करने के बाद यदि उसमें उसमें झाग पैदा हो तो इसे भी किडनी (Kidney) खराब होने के प्रथम लक्षण मानें।

    शरीर में सूजन

    किडनी का प्रमुख कार्य शरीर से विषाक्त पदार्थों या टॉक्सिन्स को बाहर निकालना है। किडनी के संक्रमित होने से यह कार्य बाधित हो जाता है। इसके चलते शरीर में अतिरिक्त फ्लुइड जमने लगता है। शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक एक्सक्रिशन नहीं निकल पाता। इस कारण पांव, टखना, हाथ और चेहरे में सूजन रहती है। इसे इडिमा भी कहते हैं।




    थकान, एनीमिआ और कमजोरी भी लक्षण

    किडनी के संक्रमण के चलते किडनी से एथ्रोप्रोटीन नामक प्रोटीन नहीं निकल पाता जो लाल रक्त कोशिकाओं को ऑक्सिजन लाने में मदद करता है। इस कार्य के रुकने से इस हार्मोन का स्तर गिर जाता है और एनीमिआ रोग होता है। इससे शरीर में कमजोरी और थकान रहती है।

    एकाग्र्रता नहीं बनती

    किडनी के बीमारी के चलते मानव मस्तिष्क में ऑक्सिजन की कमी हो जाती है। इस कारण चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी आ जाती है।

    गर्मी में भी ठंड लगना

    किडनी के बीमारी के कारण एनीमिआ हो जाता है जिससे गर्म परिवेश में भी ठंड महसूस होता है। इसे भी एक लक्षण मानें।

    त्वचा में खुजली, दाग-धब्बे

    किडनी (Kidney) के खराब होने पर शरीर में मूत्र मार्ग से सभी विषाक्त् पदार्थ नहीं निकल पाते। ये टसॅक्सिन्स शरीर में जम जाते हैं जिस कारण शरीर की त्वचा दाग-धब्बे और खुजली होने लगती है।




    यूरिया का बढऩा

    मुंह से बदबू निकलना और स्वाद खराब हो जाना भी किडनी के रोगग्रस्त होने का लक्षण है। किडनी खराब होने से खून में यूरिया बढ़ जाता है जिसके कारण मुंह से बदबू आने लगती है और जीभ का स्वाद भी खराब रहता है।

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