जानिए केतु ग्रह के बारे में – ketu grah in jyotish

जानिए केतु ग्रह के बारे में – Ketu Grah in Jyotish

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  • वैदिक ज्योतिष में केतु का स्वभाव मंगल की भांति माना गया है । केतु अश्विनी, मघा एवं मूल नक्षत्रों का स्वामी होता है व् अच्छे व् बुरे दोनों प्रकार के फल देने वाला कहा गया है । केतु के प्रभाव को घर की रखवाली करने वाले कुत्ते व् नुकसान करने वाले चूहे दोनों की तरह देखा जाता है । वृश्चिक और धनु राशि में केतु उच्च व् वृष और मिथुन राशि में नीच होता है। इस विषय में कुछ जानकारों का मत अलग भी रहा है! परन्तु यह देखा गया है के धनु राशि में या वृश्चिक राशि में केतु अच्छे फल देता है जैसे की राहु मिथुन में! भौतिक उन्नत्ति के साथ ही केतु आध्यात्मिकता के कारक के रूप में भी प्रतिष्ठित है । कुंडली के बारहवें भाव में स्थित केतु को मोक्ष कारक ग्रह के रूप में जाना जाता है , वहीं इस भाव में स्थित केतु भौतिक जीवन में बहुत सी कठिनाइयां भी देता है । कैट्स ऑय अथवा लहसुनियाया(Cats Eye) दो रंगा पत्थर केतु रत्न हैं और इन्हे सोना या ताम्बा धातु में पहना जा सकता है । केतु अचंभित करने वाले परिणाम देता है । ये एक छाया ग्रह है व् सौमंडल का सब्बसे विचित्र ग्रह होने की वजह से इसका फलकथन या प्रभाव का आंकलन कोई सहज कार्य नहीं कहा जा सकता । ॐ कें केतवे नमः केतु देवता का बीज मन्त्त्र है । शुक्ल पक्ष के मंगलवार को केतु मंत्र जप के लिए उपयुक्त समय माना जाता है ।




    केतु ग्रह की कुछ विशेषताएं (Ketu Planet in Vedic Astrology)

    • रत्न : लहसुनिया, दो रंगा पत्थर (Cats Eye)
    • धातु : सोना, ताम्बा
    • देवता : गणेश (Lord Ganesha)
    • मित्र : गुरु , मंगल ,बुध , शनि , शुक्र
    • शत्रु : सूर्य , चंद्र
    • उच्च राशि : वृश्चिक , धनु
    • नीच राशि : वृष , धनु
    • महादशा : 7 वर्ष
    • bॐ कें केतवे नमः

    शुभ केतु के लक्षण : Shubh Ketu ke Lakshan – Good results of Exalted Ketu Hindi

    • पद- प्रतिष्ठा की प्राप्ति होना
    • संतानसुख प्राप्त होना
    • ज्ञान प्रदान करता है
    • मोक्षकारक होकर कुटुंब की कई पीढ़ियों को तारने वाला होता है
    • मकान , वाहन प्राप्त करने में सहायक होता है
    • जातक पुलिस या आर्मी में ऊँचे पद पर होता है



    केतु के अशुभ लक्षण : Ketu ke ashubh Lakshan

    • जातक चोरी करने वाला होता hai
    • पेशाब की बीमारी हो जाना
    • जोड़ों में दर्द हो जाना
    • वंश वृद्धि में समस्याएं आ जाना
    • गृह में कलह रहना
    • पैर, कान, रीढ़, घुटने, लिंग, किडनी और जोड़ के रोग हो जाना

    अशुभ केतु ग्रह के उपाय : Ketu ke shanti ke Upay

    • भगवान् गणेश के द्वादश नाम स्तोत्र का पाठ करें
    • केतु के बीज मंत्र का नित नियम से उच्चारण करें
    • संतान से अच्छे संबंध रखें
    • कुत्ते की सेवा करें
    • सोने की बालियां पहने
    • दो रंग का कुत्ता पालें



    यदि आप अपने जीवन में केतु से सम्बंधित चीजों को लेकर अशुभ फल देख रहे हों तो इनमे से कुछ उपाय किये जा सकते हैं! केतु की महादशा या अन्तर्दशा में ये उपाय विशेष रूप से फलदायी होंगे! किसी भी विशेष उपाय को करने से पहले किसी अच्छे ज्योतिषी से जरूर सलाह ले! राहु या केतु के रत्न कुछ विशेष स्थिति में अल्पकाल के लिये ही ग्रहण किये जाते हैं । इसके लिये कुंडली का भली प्रकार विश्लेषण अति आवश्यक हो जाता है ।

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