कड़वा करेला खाकर पाएं अच्छी सेहत(bitter gourd health benefits)

कड़वा करेला खाकर पाएं अच्छी सेहत(Bitter Gourd Health Benefits)

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  • करेले का नाम सुनते ही मुंह का जायका भले ही बिगड़ जाए लेकिन इसके गुणों को जानने के बाद कोई भी इसे खाना चाहेगा। करेले (Karela) की सब्जी में ढेरों एंटी-ऑक्सीडेंट (Anti-Oxidant) और जरूरी विटामिन पाए जाते हैं। करेले का सेवन कई तरह से किया जा सकता हैं। चाहें तो इसका जूस भी पी सकते हैं, या अचार, सब्जी के रूप बना सकते हैं। करेले का नूट्रिशनल वैल्यू (Nutritional Value) बहुत ज्यादा है। कई बीमारियों में तो करेला (Bitter Gourd) रामबाण ओषधि है। करेले में प्रचूर मात्रा में विटामिन, कैरोटीन, बीटाकैरोटीन, लूटिन, आयरन, जिंक, पोटैशियम, मैग्नीशियम और मैगनीज जैसे पोषक तत्व होते हैं। भारतीय करेला चीनी करेले से अलग है। भारतीय करेला खुरदरा और छोटा जबकि चीनी करेला चिकना और लंबा होता है। इसे खाने से रक्त के विकार दूर होते हैं। करेले में कई तरह के रोगों से लडऩे की क्षमता होती है।

    करेले के रस के स्वास्थ लाभ – Karela Juice Health Benefits – Karele ke juice ke fayde




    पाचन तंत्र में करेले में एन्थेलमिन्टिक यौगिक होते हैं जो पेट के रोगों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। करेले का रस परजीवी कृमियों और अन्य जहरीले पदार्थों यानि टॉक्सिन्स का भी नाश कर देता है।

    संक्रमण में

    करेले की पत्तियों में मलेरिया, खसरा, चेचक, खाज और एचआईवी जैसे विशाणुओ को कमजोर करने की ताकत होती है। मलेरिया के लक्षण हों तो करेले की पत्तियों को उबालकर उसमें थोड़ा सा नमक मिलाकर पीने से फर्क पड़ेगा। करेले (Bitter Gourd) के बीज हृदय रोगों से रक्षा करते हैं। यह वसा को जलाने में भी सहायक हैं।

    महुमेह में

    महुमेह के रोगियों के लिए करेले का रस बहुत फायदेमंद है। आधा कप रस पीने से शरीर में इंसुलिन की मात्रा ठीक हो जाती है। इसमें मौजूद केरंटिन सूगर लेवल को नियंत्रित में रखता है।

    कैंसर रोकने में कारगर

    करेले (Bitter Gourd) से शरीर की कैंसर कारक कोशिकाओ को बढऩे से रोकने की ताकत होने के भी दावे हैं। यह एनिमिया के लिए भी लाभदायक है। यह रक्तचाप को भी नियंत्रण में रखता है।




    हैजा के उपचार में

    • दो चम्मच करेले के रस (Karela Juice) को बराबर मात्रा में सफेद प्याज के रस के साथ रोजाना स्वस्थ होने तक पीना चाहिए। हैजा एक बहुत ही खतरनाक महामारी है जो किसी भी आयु में हो सकती है। करेले का रस इस बीमारी में प्राकृतिक रूप से लाभकारी है ।
    • करेले के रस क ा सेवन प्रतिदिन करने से कार्य की क्षमता और ऊर्जा दोनों को बढ़ाया जा सकता है। करेले के रस को पी कर नशा उतरा जा सकता है ।

    बवासीर में उपयोगी

    बवासीर की शिकायत होने पर करेले के तीन चम्मच रस एक गिलास दूध में मिलाकर रोज खाली पेट पीने से एक महीने में असर दिखने लगेगा। करेले की जड़ का पेस्ट बना कर उसे बवासीर वाले स्थान पर लगाने से इसे बाह्य रूप से भी ठीक किया जा सकता है।

    लीवर के लिए रामबाण

    करेले का रस (Karela Juice)पीने से लीवर साफ होता है और रक्त की अशुद्धियां भी दूर होती हैं। यह पीलिया रोग के लिए भी रामबाण औषधि है।

    त्वचा रोग, गठिया रोग, आंखों के लिए फायदेमंद

    • त्वचा पर फफूंद का संक्रमण रोकने के लिए करेला (Bitter Gourd) बहुत उपयोगी होता है। करेले में बीटा-केरोटीन पाया जाता है जो आंखों की दृष्टी बढाने में असरदार होता है। गठिया रोग में होने वाले दर्द को करेला दूर करता है। गठिया होने पर या हाथ-पैर में जलन होने पर करेले के रस से मालिश करनी चाहिए।

    प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने में सहायक

    शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर हो तो करेले के रस (Karele ka Juice) से इसे मजबूत बनाया जा सकता है। इसमें विटामिन , जिंक, मैग्नीशियम आदि तत्व पाएं जाते हैं जो शरीर के लिए बहुत आवश्यक हैं।




    करेला खाने के लाभ – Karela khane ke labh – Benefits of Bitter Gourd

    • करेले में फास्फोरस होता है। इस कारण यह कफ की शिकायत दूर करता है।
    • लकवे के मरीजों के लिए करेला बहुत फायदेमंद है। ऐसे में लकवे के मरीज को कच्चा करेला खाना चाहिए।
    • उल्टी-दस्त होने पर करेले के रस में थोड़ा पानी और काला नमक मिलाकर पीने से तुरंत लाभ मिलता है । जलोदर रोग होने पर आधा कप पानी में 2 चम्मच करेले का रस मिलाकर ठीक होने तक रोजाना तीन-चार बार पीने से फायदा होता है।
    • डायबिटीज के मरीजों के लिए करेला रामबाण औषधि है। करेला खाने से शुगर स्तर नियंत्रित रहता है।
    • करेला खून साफ करता है। करेला खाने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है।
    • बवासीर होने पर एक चम्मच करेले के रस (Karele ka Jiuce) में आधा चम्मच शक्कर मिलाकर एक महीने तक खाने से बवासीर की शिकायत दूर होती है।
    • दमा होने पर बिना मसाले की करेले (Bitter Gourd) की सब्जी खाना चाहिए। इससे दमा रोग में फायदा होगा।
    • उल्टी, दस्त होने पर करेले के रस में थोड़ा सा पानी और काला नमक डालकर पीने से लाभ होता है।
    • करेले के रस को नींबू के रस के साथ पीने से वजन कम होता है। इस तरह करेला वजन घटाने में भी उपयोगी है।

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