कढ़ी पत्ता (curry leaves) या मीठे नीम के उपयोग और फायदे

कढ़ी पत्ता (Curry Leaves) या मीठे नीम के उपयोग और फायदे

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  • कढ़ी पत्ता जिसे मीठा नीम के नाम से भी जाना जाता है, हर तरह के खाने में खूब इस्तेमाल होता है। भारतीय रसोई चाहे उत्तर भारत हो या दक्षिण भारतीय, कढ़ी पत्ते का जमकर इस्तेमाल होता है। कढ़ी पत्ते के लाभों को देखते हुए ही इसे हर तरह के खाने में उपयोग किया जाता है। इसे मीठे नीम की संज्ञा इसके औषधीय गुणों को बताने के लिए काफी है।

    फायदे जानेंगे तो नहीं हटाएंगे कढ़ी पत्ता




    कढ़ी पत्ते का सब्जियों और दाल में खूब इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, हम कई बार हाथों से उठा कर इसे खाने से दूर हटा देते हैं। आपको ऐसा करने से बचना चाहिए। कढ़़ी पत्ते (Curry Leaves) में कई तरह की औषधीय गुण छिपे हैं। यह भोजन को आसानी से हजम करता है।

    क्या है इसका उपयोग – Curry Leaves Benefits Hindi – Kadi Patta ke upyog

    • मतली या अपच होने पर कढ़़ी पत्ते का उपयोग लाभकारी है। कढ़ी पत्ते के रस में नींबू निचोडें़ और उसमें थोड़ी सी चीनी मिलाकर सेवन करें।
    • मोटापा दूर करने के लिए रोज कुछ कढ़ी पत्ते (Curry Leaves) की पत्तियां चबाएं। इससे अवश्य फायदा होगा।
    • कढ़़ी पत्ता हमारी आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी काफी उपयोगी है। यहां तक कि यह कैटारेक्ट जैसी बीमारी को दूर करने में भी कारगर है।
    • अगर बाल झड़ रहें हों या सफेद हो रहे हैं तो कढ़़ी पत्ता (Curry Leaves) जरूर खाएं। अगर साबुत कढ़़ी पत्ता नहीं अच्छा लगता तो उसका पाउडर बनाकर भोजन में डाल कर खाएं।
    • डायबीटीज रोगी कढ़़ी के पत्ते को रोज सुबह तीन महीने तक नियमित तौर पर खाएं तो लाभ होगा। अगर डायबीटीज की वजह मोटापा है तो कड़ी पत्ता (Kari Patta) मोटापा दूर कर मधुमेह को ठीक कर सकता है।
    • सिर्फ कड़ी पत्ता (Kadi patta) ही नहीं बल्कि इसकी जड़ भी काफी उपयोगी होती है। जिन लोगों की किडऩी में दर्द रहता है, वह अगर इसका रस पिएं तो उन्हें अवश्य फायदा होगा।
    • अगर कढ़ी पत्ते को मठ्ठे में हींग के साथ मिलाकर पीएं तो यह अपच दूर कर भोजन आसानी से हजम करने में मदद करता है।



    कढ़ी पत्ता (Curry Leaves) के इस्तेमाल से पाएं बेहतरीन बाल

    कढ़ी पत्ता में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं जो विशेष औषधीय गुण लिए हैं। बालों की सुदरता, उन्हें झडऩे से रोकने और उन्हें सफेद होने से रोकने में कढ़ी पत्ता विशेष रूप से मददगार है। यह बालों के रोम को शक्ति देता है।
    कोई भी कारण हो, समय से पहले बाल सफेद होने पर कढ़ी पत्ते का सेवन विशेष उपयोगी है। कढ़ी पत्ते में विटामिन बी होता है जो बालों की जड़ों को मजबूती प्रदान कर बालों की प्राकृतिक रंगत लौटाता है।

    कढ़ी पत्ता से रुखे-सूखे बालों का इलाज

    कढ़ी पत्ता (Kadi Patta) से तैयार तेल, रुखे-सूखे और बेजान बालों की खूबसूरती लौटाने में फायदेमंद है। नारियल तेल में कुछ कढ़ी पत्ते मिला कर गर्म करें। ठंडा होने पर उसे ५ मिनट तक सिर पर लगाएं और आधे घंटे बाद उसे शैंपू से धो लें।

    दही और कढ़ी पत्ते का मिश्रण

    कढ़ी पत्तों को कुछ मात्रा में लेकर दही के साथ पीसें। इस मिश्रण को अपने बालों में लगाकर कुछ देर बाद धो लें। इसके अलावा रोजाना आहार में कढ़ी पत्ते का सेवन भी बालों के लिए पोषकता प्रदान करता है।

    कढ़ी पत्ते से बना हेयर टॉनिक बहुत गुणकारी

    कढ़ी पत्ते (Curry Leaves) से बालों के लिए हेयर टॉनिक भी बना सकते हैं। इसे बनाने के लिए पत्तों को इतना उबालें कि वह पानी में घुल कर पानी का रंग हरा कर दे। इस टॉनिक को १५-२० मिनट तक अपने सिर पर लगाएं। हफ्ते में २ बार इस हेयर टॉनिक को बालों में लगाने से बालों को बहुत फायदा पहुंचता है।
    कढ़ी पत्ते (Kari patta) को नीम और शिकाकाई के साथ मिलाकर बालों पर लगाने से बालों की हर तरह की सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी।




    क्यों फायदेमंद है कढ़ी पत्ता

    लोग कढ़ी पत्ते का इस्तेमाल तो करते हैं लेकिन अभी भी कढ़ी पत्तों (Curry Leaves) की खूबियों से अंजान हैं। कढ़ी पत्ते में काफी मात्रा में प्रोटीन और बीटा कैरोटीन नामक पोषक तत्व होते हैं। ये दोनों तत्व बालों को झडऩे और पतला होने से रोकता है। इसके अलावा इन पत्तियों में मौजूद एमिनो एसिड और एंटी ऑक्सिडेंट्स बालों की जड़ों को ताकत देते हैं। साथ ही डैंड्रफ दूर करने में भी कढ़ी पत्ता बहुत उपयोगी है।

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