धर्म-संस्कृति

चाणक्य के सर्वश्रेष्ठ सुविचार – Best Chanakya Quotes

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  • आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) को भारतीय इतिहास के सर्वाधिक प्रखर कुटनीतिज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने ‘अर्थशास्त्र’ नामक पुस्तक में अपने राजनैतिक सिद्धांतों का प्रतिपादन किया है। इनका महत्व आज भी स्वीकार्य है। कई विश्वविद्यालयों ने कौटिल्य के ‘अर्थशास्त्र’ को पाठ्यक्रम में निर्धारित किया गया है। महान मौर्य वंश की स्थापना का वास्तविक श्रेय चाणक्य को … Continue reading

    सिख धर्म की स्थापना – History of Sikhism

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  • सिख धर्म (Sikh Dharam) का भारतीय धर्मों में अपना एक पवित्र स्थान है। सिक्खों के प्रथम गुरु गुरु नानक देव सिख धर्म के प्रवर्तक हैं। इस धर्म की स्थापना 15वीं शताब्दी में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग के पंजाब में गुरु नानक देव जी ने की थी। सिख शब्द शिष्य से पैदा हुआ है जिसका तात्पर्य … Continue reading

    मीराबाई- एक असाधारण संत (Sant Meerabai)

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  • मीराबाई (Meerabai) की गणना भारतीय इतिहास के महान संतों में की जाती है। वह एक कवयित्री होने के साथ भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अलौकिक प्रेम के लिए भी विख्यात हैं। उनके कृष्ण के लिए समर्पित भजन पूरे भारत में बहुत लोकप्रिय हैं। भजन और स्तुति की रचनाएं कर भगवान के और समीप पहुंचाने वाले संतों … Continue reading

    अयोध्या राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद – Ayodhya Ram Mandir Babri Masjid Case

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  • देश के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में राम मंदिर-बाबरी मस्जिद (Ram mandir-Babri masjid) विवाद पर अंतिम सुनवाई शुरू हो गई है। यह विवाद पिछले करीब १०० साल से भी ज्यादा समय से चला आ रहा है, बावजूद इसके इस विवाद का कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा। यह मामला कोई अभी का नहीं बल्कि … Continue reading

    आंतरिक शांति के लिए जरूरी है क्षमाशीलता – Benefits of Forgiveness

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  • जब रिश्तों में आंतरिक गतिरोध पैदा होता है तो इसका मूल अहंकार में छिपा होता है। अहंकार का बीज हमारे शांत चित्त में उथल – पुथल की स्थिति पैदा कर देता है जिससे ना चाहते हुए भी मनुष्य निराशा, क्रोध और घृणा से ग्रस्त हो जाता है। जिस व्यक्ति के भीतर अहंकार की भावना जितनी … Continue reading

    रानी पदमिनी या पदमावती का इतिहास, फिल्म विवाद और अन्य जानकारी – History of Rani Padmavati

    भारतीय इतिहास के पन्नों में अत्यंत सुंदर और साहसी रानी पद्मावती (Rani Padmavati) का जिक्र मिलता है। रानी पद्मावती को रानी पद्मिनी (Padmini) के नाम से भी जाना जाता है। रानी पद्मावती के पिता सिंघल प्रांत यानी श्रीलंका के राजा थे जिनका नाम गंधर्वसेन था। उनकी माता का नाम चंपावती था। पद्मावती बाल्य काल से … Continue reading

    चाणक्य- एक महान विद्वान एवं कूटनीतिज्ञ (Biography of Acharya Chanakya)

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  • चाणक्य- भारत के इतिहास में एक महान विद्वान और कुटिल राजनीतिज्ञ के तौर पर जाने जाते हैं। चाणक्य (Chanakya) का जन्म एक बहुत गरीब परिवार में हुआ था। अपने उग्र स्वभाव के कारण उन्हें ‘कौटिल्य’ भी कहा जाता है। उनका एक नाम ‘विष्णुगुप्त’ भी था। चाणक्य ने तक्षशिला में शिक्षा पाई थी। 14 वर्ष अध्ययन … Continue reading

    पन्ना रत्न के गुण. लाभ और ज्योतिष जानकारी – Panna (Emerald) Gemstone

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  • पन्ना (Panna – Emerald) रत्न बुद्ध गृह से सम्बंधित होता है। ऐसा जातक जिसकी जन्मकुंडली में बुद्ध देवता शुभ किन्तु कमजोर होकर पड़े हों, पन्ना धारण कर सकता है। हालाँकि बुद्ध की अपनी कोई धातु नहीं होती है इसलिए पन्ना रत्न को चांदी धातु में पहना जाता है। ऐसा करने का मुख्या कारण है की … Continue reading

    प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) की विधि एवं कथा

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  • यह व्रत हिंदु तिथि के अनुसार तेरहवें दिन यानी त्रयोदशी को होता है। त्रयोदशी या प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) हर महीने में दो बार आता है- एक शुक्ल पक्ष और दूसरा कृष्ण पक्ष। इस व्रत में भगवान महादेव की पूजा की जाती है। यह प्रदोष व्रत करने से मनुष्य के सभी पाप धुल जाते है … Continue reading

    पुखराज रत्न (Yellow Sapphire Stone) किस राशि के जातको को देता है विशेष लाभ

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  • वैदिक ज्योतिष के अनुसार पुखराज, ब्रहस्पति गृह का प्रतिनिधित्व करता है। पुखराज (Pukhraj) पीले रंग का एक बेहद खूबसूरत रत्न है। इसे बृहस्पति ग्रह का रत्न माना जाता है। पुखराज की गुणवत्ता आकार, रंग तथा शुद्धता के आधार पर तय की जाती है। जातकों को अपनी राशि के अनुसार पुखराज को धारण करना चाहिए। जितना … Continue reading