एलोवेरा (aloe vera) या ग्वारपाठा-रामबाण औषधि

एलोवेरा (Aloe Vera) या ग्वारपाठा-रामबाण औषधि

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  • प्राचीन भारतीय चिकित्सा औषधि शास्त्र में धृतकुमारी या ग्वारपाठा (gwarpatha) और अंग्रेजी में एलोवेरा (Aloe Vera) नाम का पौधा एक रामबाण औषधि मानी गई है। किसी भी तरह के रोग या बीमारी को दूर करने में यह औषधीय पौधा कारगर है। कांटेदार पत्तियों वाले इस पौधे में विशेष रोग निवारण गुण हैं। औषधियों में इसे संजीवनी, साइलेंट हीलर औश्र चमत्कारी औषधि भी कहा गया है। रामायण, बाइबिल और वेदों तक में इस पौधे के गुणों की चर्चा है। एलोवेरा के सेवन से पेट की गैस एवं अन्य रोग, जोड़ों के दर्द, गठिया, अल्सर, अमलपित जैसी बीमारियां भी दूर हो जाती हैं। एलोवेरा रक्त शोधन और पाचन में काफी गुणकारी है।

    क्यों खास है एलोवेरा




    एलोवेरा के लाभ व् औषधीय गुण – Aloe Vera Health Benefits – Aloevera ke Fayde

    एलोवेरा (gwarpatha) का एक औषधि के रूप में उपयोग इसके कई पोष्टिक तत्वों से भरपूर होना है। भारी मात्रा में विटामिन, कई तरह के एमीनो एसिड (Amino Acids), मिनरल, कई पोषक तत्व और सक्रिय एंजाइम एलोवेरा को गुणकारी औषधीय पौधा बनाते हैं। कैल्शियम, जस्ता, तांबा, पोटेशियम, लोहा, सोडियम, मैग्नीशियम और मैंगनीज फोलिक एसिड की प्रचूरता इसे गुणकारी बनाते हैं।

    दवा के साथ प्रतिरोधक है एलोवेरा जूस

    एलोवेरा (Aloe Vera) का रस इसमें मौजूद 12 विटामिन, 15 एमिनो एसिड और 18 धातुएं शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने में अहम उपयोगी हैं। एलोवेरा या ग्वारपाठा (gwarpatha) का रस कांटेदार पत्तियों को छीलकर निकाला जाता है। इसका रस पीने से शरीर में चुस्ती-फूर्ति बनी रहती है। एलोवेरा का जूस कब्ज दूर करने में भी खासा फायदेमंद है। इसके अलावा ब्लड को साफ़ (Purify) कर हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा करना भी एलोवेरा के अनेक फायदों में से एक है। वहीं यह शरीर में डब्ल्यूबीसी (WBC’s) की संख्या भी बढ़ाता है।

    कई बीमारियां करता है दूर

    एलोवेरा (Aloe Vera) का जूस पीने से शरीर में शुगर का स्तर ठीक बना रहता है। बवासीर, डायबिटीज, महिलाओं में गर्भाशय के रोग को भी दुरुस्त करता है। इसके अलावा सौंदर्य प्रसाधनों में भी एलोवेरा का जूस खासा प्रचलित है। एलोवेरा (gwarpatha) का जूस पीने से खुरदरी और रूखी त्वचा, मुहांसे, धूप से झुलसी त्वचा, झुर्रियां, काले धब्बों को दूर करने में भी खास उपयोगी है।

    एलोवेरा (Aloe Vera) के कई अन्य फायदे

    एलोवेरा का जूस मच्छर काटने पर फैलने वाले इन्फेक्शन को दूर करने, मेहंदी में मिलाकर बालों में लगाकर बालों को चमकदार एवं स्वस्थ बनाने में बहुत लाभकारी है। वहीं, एलोवेरा (gwarpatha) का जूस या रस त्वचा की नमी को भी बनाए रखता है। एलोवेरा का रस नियमित रूप से पीने से त्वचा भीतर से नर्म, मुलायम औश्र खूबसूरत बनती है। बढ़ती उम्र से त्वचा को होने वाले नुकसान को भी एलोवेरा कम करता है। सौंदर्य बढ़ाने में महिलाओं के लिए एलोवेरा हर मर्ज की की औषधि की तरह है। एलोवेरा का इस्तेमाल महिलाएं अपनी स्किन में निखार लाने के लिए घरेलू औषधि की तरह करते हैं। इसका इस्तेमाल हर्बल कॉस्मेटिक प्रोडक्ट जैसे एलोवेरा जैल, बॉडी लोशन, हेयर जैल, स्किन जैल, शैंपू, साबुन, फेशियल आदि में प्रयोग किया जाता है।

    सौंदर्य प्रसाधनों (Beauty Products) में एलेावेरा (Aloe Vera) का खूब इस्तेमाल

    फेस पैक (Face Pack) में इस्तेमाल

    त्वचा की किस्म के आधार ऐलोवेरा (Aloe Vera) को फेस पैक की तरह इस्तेमाल किया जाता है। सामान्य त्वचा यानि न तैलीय त्वचा और न ही रुखी त्वचा, के लिए फेस पैक बनाने में एक बड़ा चम्मच ऐलोवेरा जेल, बराबर मात्रा में बेसन, संतरे या मौसमी के छिलकों का पाउडर और थोड़ा सा दही को एक बर्तन में अच्छी तरह मिलाएं और इसका गाढ़ा पेस्ट बना लें। इस पेस्ट कोचेहरे और गर्दन पर लगा लें। 30 मिनट बाद इसे धोकर एक तौलिये से हल्के से पोंछ लें। सामान्य त्वचा के लिए यह एक अच्छा फेस पैक है।




    तैलीय त्वचा (Skin) के लिए फेस पैक

    तैलीय त्वचा के लिए ऐलोवेरा (gwarpatha – Aloevera) पैक चमत्कारी रूप से उपयोगी साबित हो सकता है। ऐलोवेरा की पत्तियों को पानी में उबाल कर पीसें और पेस्ट बना लें। इसमें शहद की कुछ बूंदे डालकर अच्छी तरह मिला लें। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाने से तैलाक्त त्वचा पर मुंहासे का खतरा कम हो जाएगा।




    संवदेनशील त्वचा के लिए फेस पैक

    ऐलोवेरा जेल (Aloe Vera Gel) में खीरे का रस, थोड़ा दही और 3-4 बूंदे गुलाबजल डालकर मिला लें। इस पेस्ट को 15 मिनट अपने चेहरे और गर्दन पर लगाकर रहने दें। बहुत ही माइल्ड (Mild) यह पेस्ट या फेस पैक संवेदनशील त्वचा के लिए यह पेस्ट खास उपयोगी है।

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