विटामिन ई (vitamin e) के स्रोत और अनेक फायदे

विटामिन ई (Vitamin E) के स्रोत और अनेक फायदे

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  • मानव शरीर के लिए हर विटामिन का बहुत महत्व है लेकिन उनमें कुछ की खास भूमिका होती है। ऐसे विटामिन्स में एक प्रमुख है विटामिन ई। विटामिन ई हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है। विटामिन ई वसा में घुलनशील विटामिन है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant) के रूप में भी कार्य करता है। इसके आठ अलग-अलग रूप होते हैं। कोशिकाएं एक दूसरे से प्रतिक्रिया करने में विटामिन ई (Vitamin E) का उपयोग करती हैं और कई महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाए रखता है। साथ ही शरीर को एलर्जी से बचाए रखने में मदद करता है। यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में प्रमुख भूमिका निभाता है। यह विटामिन बहुत ही जरूरी होता है। अपने खानपान को सजगता से कर इसे आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

    विटामिन ई की कमी और लक्षण – Vitamin E ki kami aur lakshan – Vitamin E deficiency symptoms




    विटामिन ई के स्रोत – Sources of Vitamin E

    विटामिन ई हमें अंडे, सूखे मेवे, बादाम (Almond) और अखरोट, सूरजमुखी के बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां, शकरकंद, सरसों, शलजम, एवोकेडो (Avocado), ब्रोकली, आम, पपीता, कद्दू, पॉपकार्न आदि से प्राप्त होता है।

    कितनी मात्रा में उपयोगी है शरीर के लिए

    विटामिन ई प्रतिदिन कितना लेना चाहिए, यह उम्र और लिंग पर निर्भर करता है। वहीं गर्भावस्था, स्तनपान और बीमारियों में इसकी मात्रा को बढ़ाया और कम किया जाता है। विशेषज्ञों की मानें तो आयु अनुसार विटामिन ई के रोजाना सेवन की मात्रा इस प्रकार हैं-

    • नवजात शिशु से छह माह : 4 मिलिग्राम
    • नवजात शिशु 7 से 12 माह : 5 मिलिग्राम
    • बच्चे 1 से 3 वर्ष : 6 मिलिग्राम
    • बच्चे 4 से 8 वर्ष : 7 मिलिग्राम
    • बच्चे 9 से 13 वर्ष : 11 मिलिग्राम
    • 14 वर्ष और उससे बडे : 15 मिलिग्राम
    • स्तनपान कराने वाली महिलाएं : 17 मिलिग्राम

    विटामिन ई की कमी के लक्षण – Vitamin E Deficiency Symptoms

    • नजर कमजोर हो जाना। देखने में अकसर झिलमिलाहट महसूस होना।
    • चलने में लडख़ड़ाट होना। कई बार कमजोरी महसूस होना।
    • शरीर के अंगों का सुचारु रूप से कार्य न कर पाना।
    • मांसपेशियों में अचानक से कमजोरी आ जाना।
    • आंखों के मूवमेंट में असामान्य स्थिति पैदा हो जाना।
    • प्रजनन क्षमता कमजोर हो जाना। शरीर में कमजोरी महसूस होना।



    विटामिन ई के सेवन के लाभ

    विटामिन ई के साइड इफेक्ट्स – Side Effects of Vitamin E

    विटामिन ई युक्त भोजन खाना खतरनाक नहीं है। हालांकि सप्लीमेंट (Supplement) के रूप में विटामिन ई का ज्यादा मात्रा में सेवन नुकसानदायक हो सकता है। इसकी अधिकता से ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है और मस्तिष्क में गंभीर ब्लीडिंग हो सकती है। गर्भवती महिला के शरीर में विटामिन ई की अधिक मात्रा होने से बच्चे में बर्थ डिफेक्ट भी हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि विटामिन ई के सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह के बिना न लें, खासतौर पर जब खून को पतला करने वाली दवाइयों जैसे एस्प्रिन ले रहे हों। उन लोगों को भी विटामिन ई (Vitamin E) का अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए, जिनमें विटामिन ई की कमी हो।

    विटामिन ई के अन्य स्रोत – Sources of Vitamin E

    हमारा शरीर विटामिन ई का निर्माण नहीं कर सकता। इसे पर्याप्त मात्रा में लेने के लिए अच्छा भोजन जिस में विटामिन ई भरपूर हो। यह हमें सरसों के तेल और बादाम, तिल,जैतून आदि के तेल से प्राप्त हो सकता है। इसलिए खाने में नियमित रूप से तेल का सेवन करना चाहिए।

    • विटामिन ई त्वचा की देखभाल करने और स्वस्थ रखने वाला विटामिन है। यह त्वचा को रुखेपन, झुर्रियों, समय से पहले बूढ़ा होने और सूरज की हानिकारक अल्ट्रा वायलेट किरणों से बचाता है।
    • यह लाल रक्त कणिकाओं के निर्माण में भी सहायता करता है। जिन लोगों के शरीर में विटामिन ई की मात्रा अधिक हो जाती है, उनमें दिल की बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।
    • यह महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द से भी बचाता है। विटामिन ई मेनोपॉज के बाद महिलाओं में स्ट्रोक की आशंका को कम करता है।
    • विटामिन ई (Vitamin E) कैंसर से भी बचाता है। जिन लोगों को कैंसर होता है, उनके शरीर में विटामिन ई की मात्रा कम होती है।
    • जो लोग विटामिन ई के सप्लीमेंट लेते हैं, उनमें अल्जाइमर्स होने का खतरा कम हो जाता है।
    • विटामिन ई दूसरे एंटी ऑक्सीडेंट्स के साथ मिलकर मैक्यूलर डीजनरेशन से बचाता है। यह रेटिना की सुरक्षा भी करता है।
    • विटामिन ई की कमी डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। यह ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम में भी बहुत उपयोगी है। इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।
    • विटामिन ई बाल झडऩे के लिए ली जाने वाली दवाइयों के साइड इफेक्ट को भी कम करता है।



    एलर्जी की रोकथाम में भी उपयोगी है।

    • समय से पहले जन्मे बच्चे में जन्मजात ही विटामिन ई की मात्रा कम होती है। यह बच्चों के विकास के लिए बहुत जरूरी विटामिन है। यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रित करता है।
    • जिन लोगों के शरीर में वसा को अवशोषण करने में कठिनाई होता है, उनमें भी विटामिन ई की कमी हो जाती है।
    • विटामिन ई कीमोथेरेपी के लिए उपयोग की जाने वाली दवाइयों के प्रभाव को कम कर देता है।

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