बच्चे का तुतलाना (tutlane) दूर करें – stop stammering

बच्चे का तुतलाना (Tutlane) दूर करें – Stop Stammering

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  • बच्चों में तुतलाना कोई गंभीर बीमारी नहीं लेकिन इसे पूरी तरह अनदेखा करना भी सही नहीं है। इस विकार के कारण बच्चा स्पष्ट स्वर में बात नहीं कर पाता। अगर बचपन में इन दोषों पर ध्यान न दिया जाए तो यह दोष जीवन भर के लिए हो सकता है जो आगे चलकर समस्या कर सकता है। इसीलिए इनके शुरुआती लक्षण नजर आने पर इन घरेलू उपाय को करने से बच्चे का तुतलाना (Tutlana – Stammering) दूर किया जा सकता है। धीरे-धीरे बच्चा स्पष्ट शब्दों के साथ बोलने लगता है। हालांकि एक बात का हमेशा ध्यान रखे, अगर बच्चा 3 साल से 5 साल के बीच स्पष्ट न बोल पाए तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

    तुतलाने व हकलाने का घरेलू उपचार – Tutlane Aur Haklane Ka Gharelu Upchar – Stammering Treatment




    एक केस स्टडी से समझे समस्या

    मेरी भाभी की तीन साल की बेटी है आन्या। आन्या बहुत प्यारी और मासूम लडक़ी है। वह बहुत प्यारी बातें करती हैं। वह अपनी बात को स्पष्ट रूप से कह नहीं पाती। वह थोड़ा-थोड़ा तुतला कर बोलती है जिससे अन्य बच्चों और लोगों के बीच वह हंसी का पात्र बन जाती है। इस वजह से भाभी काफी परेशान रहती हैं। तभी मेरी दादी ने भाभी को बताया कि बच्चे का तुतलाना कोई रोग नहीं बल्कि मानसिक दोष है। शुरुआत में अभिभावकों के समस्या पर ध्यान न दिए जाने से यह समस्या बढ़ जाती है। तुतलाना जबड़ों की मांसपेशियों के कड़ेपन और होठों की गतिमंदता के कारण होता है।

    बच्चों का तुतलाना दूर करने के उपाय – Tutlana Dur Karne Ke Upay

    फुला सुहागा- एक कारगर घरेलू नुस्खा

    शहद में फुला सुहागा मिलाकर बच्चे की जुबान पर धीरे धीरे रगड़े। यह पंसारी कि दुकान में मिल जाएगा। यह नुस्खा लगभग प्रत्येक भारतीय घर में तुतलाने की बीमारी को दूर करने के लिए अपनाया जा सकता है। इससे पहले करीब तीन साल तक बच्चे की जुबान साफ होने या बच्चे के मुंह से शब्द ध्वनि निकलने का इंतजार अवश्य करना चाहिए। इसके बाद तुतलाने की समस्या के लिए घरेलू या डाक्टरी नुस्खे इलाज के लिए अपनाने चाहिएं।

    ताजा हरा आंवला (Amla) दूर भगाएगा समस्या

    बच्चे का तुतलाना दूर करने के लिए बच्चे को एक ताजा हरा आंवला कुछ दिनों तक खिलाएँ। इससे उसके तुतलाने (Tutlane) की समस्या दूर हो जाती है और कुछ ही दिनों में आवाज़ स्पष्ट निकलने लगती है। नियमित रूप से सुबह सवेरे एक चम्मच सूखे आँवले के पाउडर में एक चम्मच देसी घी को मिलाकर सेवन कराने से भी तुतलाना धीरे धीरे दूर हो जाती है।

    भिगोकर बादाम (Almond) खिलाएं

    पूरी रात थोड़े से पानी में 20 बादाम को भिगो दें और सुबह उनके छिलके उतार कर बारीक़ पीस लें। अब इस पेस्ट को 50 ग्राम मक्खन के साथ मिलाकर कुछ महीनों तक नित्य बच्चे को खिलाएं। इससे बच्चे का तुतलाना बंद हो जाता है व जिह्वा के सभी दोष दूर हो जाते हैं।



    बादाम, काली मिर्च के दाने और मिश्री

    तुतलाना दूर करने के लिए प्रतिदिन सुबह खाली पेट 10 बादाम और 10 काली मिर्च के दाने को मिश्री के साथ पीस कर दस दिन तक सेवन करने से भी बेहतर परिणाम कुछ ही दिनों में नजऱ आने लगेंगे।

    छुहारा वाला दूध उबालकर पीने से लाभ

    सोने से पहले एक गिलास दूध में छुहारे को उबालकर बच्चे को पिलाने से आवाज साफ होती है और शब्द भी स्पष्ट होने लगते है। ध्यान रहे इस उपचार के दो घंटे बाद तक बच्चे को पानी न पिलाएं।

    अदरक और शहद चटाएं

    तुतलाने की समस्या होने पर 1 चम्मच अदरक के रस में 1 चम्मच शहद मिलाकर चटाएं। इससे तुतलाना काफ़ी हद तक ठीक हो जाता है।

    काली मिर्च के दाने बच्चे से बचवाएं

    बच्चे की तुतलाने की समस्या को दूर करने के लिए बच्चे को 3 काली मिर्च के दाने मुँह में रखकर धीरे धीरे चबाने दीजिए। इस उपचार से आवाज़ स्पष्ट होती है।

    सौंफ (Saunf) वाला पानी पीलाएं

    नियमित रूप से सोने से पहले 1 गिलास पानी में 5 ग्राम सौंफ़ को थोड़ा कूटकर उबालें। जब यह पानी उबलकर आधा रह जाए तब उसमें 50 ग्राम मिसरी का चूरा और 250 ग्राम गाय का दूध मिलाए। इसे नियमित पीने से कुछ ही दिनों में तुतलाना ठीक हो जाता है।

    गाय का शुद्ध देशी घी

    बच्चे के तुतलाहट की समस्या को दूर करने का यह सबसे सरल उपाय है। इसके लिए नियमित सुबह थोड़ा सा देशी घी बच्चे को चटाएं।

    तेज पत्ते भी कारगर

    तेज पत्ते को जीभ के नीचे रखने से तुतलाना ठीक हो जाता है। यह घरेलू देसी इलाज है। मीठी बच, मीठी कुठ, असगंध और छोटी पीपल को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना ले। रोजाना 1 ग्राम चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने से आवाज़ साफ़ होती है।

    बाजरे की पत्ती

    बाजरे की पत्ती खाना लिस्पिंग ठीक करने का आयुर्वेदिक इलाज है।

    दालचीनी

    दालचीनी का टुकड़ा बच्चे के मुँह में डालकर बच्चे को चूसने को बोले।

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