थायराइड असंतुलन के लक्षण और घरेलू उपचार (thyroid remedies)

थायराइड असंतुलन के लक्षण और घरेलू उपचार (Thyroid Remedies)

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  • आपने अकसर सुना होगा कि थायराइड ग्लैंड या ग्रंथि के कारण शारीरिक स्वास्थ्य में असंतुलन पैदा हो रहा है। यह थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) इंसान के गले में स्थित होती है। जब हम बोलते हैं तो आप गले पर हाथ लगाकर अपने स्वर यंत्र (वोकल कॉर्ड – Vocal Cord) ) को महसूस कर सकते हैं। इसके ठीक नीचे थायराइड ग्लैंड होती हैं। थायराइड ग्लैंड से निकलने वाले हार्मोन मानव शरीर के कई कार्य निर्धारित होते हैं। इस हार्मोन की कमी या अधिकता शरीर पर अलग-अलग प्रभाव डालती है। थायराइड ग्रंथि को नियंत्रित करने वाली ग्रंथि पिचुटरी ग्लैंड है जो हमारे दिमाग में होती है।

    थायराइड असंतुलन के कारण – Reason for Thyroid Imbalance Hindi

    थायराइड ग्रंथि हार्मोन बनाना जब किसी वजह से कम कर देती है तो इससे हाइपोथायराइडिज्म की समस्या होती है। इससे हमारे शरीर पर कई दुष्प्रभाव पड़ते हैं। इससे हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली बिगड़ जाती है। इससे शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। ऐसा अनुवांशिक कारणों से या रोग ग्रस्त होने पर उसके उपचार के लिए दवाएं लेने के कारण भी थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) में असंतुलन की वजह बन सकता है। आयोडीन की कमी भी इसका एक अहम कारण है।

    हाइपोथायराइडिज्म क्या है ? What is Hypothyroidism




    शरीर में हार्मोनल संतुलन बिगडऩे पर कई तरह के दुष्प्रभाव प्रकट होने लगते हैं। थायराइड ग्रंथि का स्राव घटन पर वजन बढऩे की शिकायत शुरू होती है। थकान और कमजोरी महसूस होना, आंखों में सूजन और त्वचा का रुखा होना, स्मरण शक्ति का क्षीण होना, महिलाओं में माहवारी को लेकर अनियमितता, पसीना कम आना और आवाज में भारीपन भी हाइपोथायराइडिज्म (hypothyroidism) के कुछ अन्य लक्षण हैं।

    थायरायड असंतुलन में पौष्टिक आहार उपयोगी

    थायरायड में असंतुलन होने पर मरीज को विटामिन, प्रोटीन और फाइबरयुक्त आहार ज्यादा मात्रा में लेना चाहिए। थायरायड समस्या (Thyroid Problem) होने पर ज्यादा आयोडीन वाले खाद्य पदार्थ खाने चाहिए। मछली, खासकर समुद्री मछली, थायरायड के मरीज के लिए बहुत लाभकारी है। किसी का थायरायड हाइपर तो किसी का हाइपो होता है, ऐसे में डॉक्टर से संपर्क कर टेस्ट करवाना जरूरी है।

    थायराइड उपचार के लिए कुछ घरेलू नुस्खे – Thyroid ka Gharelu ilaj in Hindi

    थायरायड के मरीजों के लिए फायदेमंद आहार की जानकारी काफी उपयोगी हो सकती है। थायरायड में क्या खाएं और क्या न खाएं, इसकी जानकारी होना बहुत जरूरी है। थायरायड के मरीज को आयोडीनयुक्त आहार लेना चाहिए। आयोडीन थायराइड ग्रंथि c के दुष्प्रभाव को कम करता है। आयोडीन युक्त नमक अपने आप में कारगर उपाय है।

    खाने में साबुत अनाज फायदेमंद

    आटे की तुलना में साबुत अनाज में ज्यादा विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और फाइबर होता है। अनाज खाने से शरीर की रोग रोधी क्षमता बढ़ती है। पुराना भूरा चावल, जई, जौ, ब्रेड, पास्ता और पॉप कॉर्न खाने चाहिए। सोया मिल्क, टोफू या सोयाबीन में ऐसे रसायन होते हैं जो हार्मोन को सुचारू ढंग से काम करने में मदद करते हैं। इसके साथ आपको आयोडीन की मात्रा को भी नियंत्रित रखना होगा।

    फल-सब्जियां और दूध-दही उपयोगी

    फल और सब्जिया एंटीऑक्सीडेंट्स का प्राथमिक स्रोत हैं जो शरीर को रोगों से लडऩे में सहायता करती हैं। सब्जियों में पाया जाने वाला फाइबर पाचन क्रिया को मजबूत कर खाना अच्छे से पचाता है। हरी, पत्तेदार सब्जियां थायरायड ग्रंथि (Thyroid Gland) की क्रियाओं के लिए अच्छी हैं। हाइपरथाइराइजिड्म हड्डियों को पतला और कमजोर बनाता है। हरी और पत्तेदार सब्जियों में विटामिन-डी और कैल्शियम होता है जो हड्डियों को ताकत देती हैं। लाल और हरी मिर्च, टमाटर और ब्लूबेरी खाने से शरीर को ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं। थायरायड रोगी को ज्यादा से ज्यादा फल और हरी सब्जियां खानी चाहिए। दूध और दही में मौजूद विटामिन, मिनरल्स, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।




    मछली भी उपयुक्त आहार

    नॉन वेज खाने वालों को ज्यादा मात्रा में आयोडीन होने की वजह से मछली जरूर खानी चाहिए। वैसे सभी मछलियों में आयोडीन होता है, लेकिन समुद्री मछलियों में इसकी मात्रा और भी ज्यादा होती है। सेलफिश,झींगा में तो ज्यादा मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। ट्यूना, सामन, मैकेरल, सार्डिन, हलिबेट, हेरिंग और फ़्लाउंडर आदि मछलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड की प्रमुख स्रोत हैं।

    थायराइड है तो इससे बचें:

    • थायराइड होने पर शुगर और कैफीन के सेवन से बचें। शुगर, कैफीन के अलावा आटा जैसे रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट खाना भी कम कर दें। इससे भी शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ती है। अनाज वाले कार्बोहाइड्रेट के सेवन कम कर कम स्टार्च वाली सब्जियां खाएं।
    • थायराइड एक संवेदनशील ग्रंथि है जिसका सीधा संबंध शरीर की तनाव प्रतिक्रिया से है।
    • माना जाता है कि थायराइड रेडियेशन के प्रति संवेदनशील है। ऐसे में जब भी आप डेंटिस्ट के पास एक्सरे करवाएं तो थायराइड कॉलर के लिए कहें। प्रोटीन, आयोडीन और गोइट्रोजेंस युक्त आहार लें
    • प्रोटीन शरीर के अंगों में थायराइड हार्मोन का संचार करता है। ऐसे में रोजाना के खाने में प्रोटीन शामिल करथायराइड की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। बादाम, अखरोट और घास खाने वाले पशु का मांस, अंडे और फार्मी मछली प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।
    • आयोडीन की कमी को ीाी थायराइड का एक प्रमुख कारण माना जाता है। सी वेजिटेबल्स और सी फूड आयोडीन के मुख्य स्रोत हैं। अंडे, शतावरी, मशरूम, पालक, तिल के बीज और लहसुन में आयोडीन होता है।
    • गोइट्रोजेंस वाले पदार्थों का ज्यादा सेवन करने से थायरॉयड ग्रंथि प्रभावित होती है। गोइट्रोजेंस वाले पदार्थों में ब्रोकोली, ब्रसेल्स, स्प्राउट्स, गोभी, फूलगोभी, कोल्हाबी, शलजम, बाजरा, पालक, स्ट्रॉबेरी, आड़ू, मूंगफली, मूली और सोयाबीन आदि प्रमुख हैं। इन खाद्य पदार्थों में ग्लूटाथिओन नामक एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट भी होता है। यह शरीर के इम्यून सिस्टम को दुरुस्त करने की क्षमता देता है। यह थायराइड ऊतकों की रक्षा करता है।



    महिलाओं में प्रेगनेंसी होने पर थायराइड समस्या

    महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान अगसर थायराइड की समस्या सामने आती है। प्रेगनेंसी के दौरान सबसे पहले खुद की जांच कर थायराइड की समस्या का पता लगाएं। कई महिलाएं थायराइड की समस्या का इलाज करवाए बिना ही बच्चे को जन्म देती हैं जिससे बच्चों में अनुवांशिक तौर पर यह समस्या और कई अन्य बीमारियां चली जाती हैं।

    One thought on “थायराइड असंतुलन के लक्षण और घरेलू उपचार (Thyroid Remedies)”

    1. Sir mujhe thyroid but schwabe ka thyroidinium dwa le rha hu control bhi h aur kam bhi ho rha h but sir esme kya kya kha sakte h aur kya nhi khaye ki jald thik ho jaaye plzz

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