पौष्टिक प्रोटीन से भरपूर सोयाबीन के फायदे(soybean benefits)

पौष्टिक प्रोटीन से भरपूर सोयाबीन के फायदे(Soybean Benefits)

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  • बच्चों, युवाओं और शारीरिक खेलों में हाथ आजमा रहे युवाओं के लिए खासतौर से शरीर की हड्डियों के सही विकास के लिए प्रोटीन बहुत ही अहम तत्व है। वहीं शरीर को उचित मात्रा में प्रोटीन मुहैया करवाने के लिए कई तरह के महंगे सप्लीमेंट खरीदने के बजाय सोयाबीन बहुत ही गुणकारी दाल है। सोयाबीन के महज १०० ग्राम में करीब 36 ग्राम प्रोटीन देने वाला शुद्ध शाकाहारी भोजन और कोई नहीं है। पहलवानी करने वाले शाकाहारी लोगों के लिए या बॉडी बनाने के शौकीन युवाओं के लिए पोषक तत्‍वों से भरे सोयाबीन के दाने बहुत उपायोगी हैं।

    सोयाबीन का कंटेंट टेबल – Soyabean Health Benefits Hindi




    १०० ग्राम सोयाबीन में 36 ग्राम प्रोटीन, 30 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 20 ग्राम फैट, नौ ग्राम फाइबर और कुल 446 कैलोरी होती है। प्रोटीन के बिना मसल्‍स नहीं बनते और प्रोटीन जुटाना इतना आसान नहीं है। आजकल प्रोटीन पाउडर पर इतना जोर है कि जिम जाते एक महीना भी नहीं होता कि लोग सप्‍लीमेंट खरीद लेते हैं जबकि सोयाबीन से शरीर की मांग पूरी हो सकती है। शाकाहारी लोगों को प्रोटीन पाउडर के बजाय सोयाबीन का इस्‍तेमाल करना चाहिए।

    घट सकता है एस्‍ट्रोजन का लेवल

    यह बात सच है कि सोयाबीन खाने से बॉडी का एस्‍ट्रोजेन लेवल बढ़ सकता है, लेकिन इससे परेशान होने वाली कोई बात नहीं। सोयाबीन के फायदे इतने है कि इतनी सी खामी झेली जा सकती है। पुरुषों का टेस्‍टोस्‍टेरोन लेवल एक तस्‍वीर देखकर ही कई गुना बढ़ जाता है। हालांकि ज्यादा सोयाबीन खाएं लेकिन अच्‍छी कसरत करें तो दिन में 200 ग्राम तक खा सकते हैं।

    कैसे शामिल करें अपने आहार में सोयाबीन

    सोयाबीन भिगोकर, उबाल कर, पीसकर या भूनकर जैसे मन करें वैसे खाएं। सबसे सही तरीका है भिगोकर खाने का। उसके बाद उबाल कर। हालांकि इसके दाने आसानी से उबलते नहीं। इसमें प्‍याज, टमाटर काट लेंगे तो स्‍वाद बढ़ जाएगा। सोयाबीन के साथ मूंग भी भिगोकर खाने और सोयाबीन को गेहूं के साथ पिसवा कर उसकी रोटियां खाना भी फायदेमंद है।

    सबसे बेहतर प्रोटीन का स्रोत

    सोयाबीन का सबसे अधिक इस्तेमाल प्रोटीन सोर्स के रूप में होता है जिससे कई बीमारियों का भी इलाज होता है। प्रोटीन का अच्छा स्रोत होने के कारण इसमें अच्छे काफी मात्रा में विटामिन, वसा और कार्बोहाइड्रेट जैसे आवश्यक तत्व होते हैं।

    शरीर में अगर खून की कमी हो तो ऐसे इंसान को सोयाबीन (Soyabean )का सेवन बहुत अच्छा है। कारण यह कि इसमें खून को बनाने और बढ़ाने वाले आयरन अच्छी मात्रा में होते हैं।
    इसमें खून को साफ करने का गुण होने के चलते खून को साफ करने के लिए भी सोयाबीन का सेवन कर सकते हैं। इससे मुहासों की समस्या भी दूर होती है। कारण यह कि खून में समस्या होने से ही अकसर मुहांसों की समस्या होती है।

    यूरिक एसिड शरीर से बाहर निकालें

    सोयाबीन मानव शरीर से यूरिक एसिड को बाहर निकालकर शरीर में होने वाले विकारों को रोकती है। सोया में प्रोटीन के साथ ही फाइबर और कैल्शियम भी पर्याप्‍त मात्रा में होते हैं।

    कई तरह से करें आहार में शामिल

    सोयाबीन को ड्राई रोस्टेड सोयाबीन (Soyabean ) स्नैक्स, जो फाइबर या रेशे का एक अच्छा स्रोत है, या लिक्विड प्रोडक्ट जैसे सोया मिल्क , सोया पनीर या टोफू के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उबले सोयाबीन और टोफू कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं, लेकिन सोया मिल्क से प्राप्त कैल्शियम की मात्रा निर्माता कंपनी पर निर्भर है। सोयाबीन में 52 प्रतिशत प्रोटीन और 19.5 प्रतिशत वसा के अलावा आयरन और फॉस्फोरस आदि खनिज तत्व होते हैं। सोयाबीन आहार में फाइबर की मात्रा बढ़ाते हैं जिससे कब्ज या पेट की कई बीमारियां दूर होती हैं।




    नॉन वेज के विकल्प के रूप में इस्तेमाल

    सोयाबीन (Soyabean ) से बना टेम्पेह उत्पाद आमतौर पर मांस के विकल्प के रूप में इस्तेमाल होता है। अगर आप उसका औसत रूप में इस्तेमाल करें तो आपको उससे लगभग 10 ग्राम रेशा प्राप्त होगा। सोयाबीन के उपयोग को बढ़ाने के लिए आजकल तो कई बड़े फूड निर्माता कंपनियां या रेंटोरेंट चालक सोयाबीन के उत्पादों को नॉन वेज खाने के विकल्प के रूप में बेच रहे हैं।

    सोयाबीन- एक एंटीऑक्सीडेंट, अन्य फायदे एक नजर में

    सोया उत्पादों में एंटीऑक्सीडेंट के साथ-साथ कैंसर प्रतिरोधक तत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा भी सोयाबीन में कई अन्य गुण हैं जो इसके इस्तेमाल पर जोर देते हैं :

    • दिन में एक बार सोयाबीन के आटे से बनी चपाती खाने से पेट साफ रहता है और एसिडिटी दूर होती है।
    • सोयाबीन (Soyabean ) परिवार खासतौर पर बढ़ते बच्चों के लिए, बूढ़े व्यक्तियों, मधुमेह और दिल के रोगियों और मोटापा घटाने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए बहुत ही उपयोगी है।
    • कमजोरी होने पर अंकुरित सोयाबीन चबाने और उससे बना आहार खाने से कमजोरी दूर हो जाती है।
    • डायबिटीज के रोगियों के लिए सोयाबीन के आटे का उपयोग काफी फायदेमंद माना गया है।
    • जो माताएं बच्चे को अपना दूध पिलाती हैं उन्हें सोयाबीन का खूब सेवन करना चाहिए।
    • सोयाबीन का सेवन करने से एक्जिमा रोग नहीं होता। वहीं चेहरे पर कील-मुहांसे, दाग-धब्बे नहीं होते।

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