मालिश से कैसे बनाएं बच्चों की मजबूत हड्डियां(baby massage tips)

मालिश से कैसे बनाएं बच्चों की मजबूत हड्डियां(Baby massage Tips)

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  • शिशु (Baby) की मालिश प्यार व्यक्त करने का एक बेहतरीन तरीका है। मां के हाथ की गई मालिश मां और बच्चे के बीच एक गहरा रिश्ता कायम करने में मददगार होती है। मालिश से बच्चे के शरीर को एक सही आकार लेने में मदद मिलती है। मालिश बच्चे के वजन को बढ़ाने, रक्त परिसंचरण और बच्चे के पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करती है। मालिश के बाद बच्चा चैन की नींद सो जाता है। मालिश बच्चे की थकान को दूर कर देती है। मालिश (Malish) बच्चे को मानसिक व शारीरिक रुप से विकसित होने में मदद करती है।

    शिशु की मालिश – Shishu ki malish – Baby massage Tips in hindi




    तैयारी शिशु की मालिश की

    शिशु की मालिश ऐसे स्थान पर हो जहां सर्दी-गर्मी या तेज हवा से शिशु को नुकसान ना हो। शिशु (Shishu – Baby) की मालिश शुरू करने से पहले सामान इकठ्ठा कर लें। मालिश के बाद पहनाने के कपड़े, नहाने का सामान जैसे गर्म पानी, शैंपू, साबुन आदि पहले से तैयार रखें। शिशु की मालिश करने से पहले हाथों से चूडिय़ां, अंगूठी आदि निकाल देने चाहिए ताकि शिशु को चोट लगने का डर ना रहे।

    हल्के हाथ से करें मालिश – Massage With Soft-Hand

    मालिश (Malish – Massage) को हमेशा हलके हाथों से करें ताकि बच्चा उसका पूरा मज़ा ले सके। मालिश के लिए फर्श पर एक तौलिया बिछाएं तथा किसी वनस्पति तेल से बच्चे के शरीर की मालिश करें। यह छह महीने से कम उम्र वाले बच्चों की हड्डियों व मांसपेशियों को मजबूत बनाने का एक अच्छा तरीका है। बच्चें की मालिश के लिए अलग-अलग तेल इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

    नारियल का तेल

    इस तेल को कई जगह गरी का तेल भी कहा जाता है। इसे लगाने से बच्चे के शरीर में इंफेक्शन का डर नहीं रहता हैं। यह तेल, नाजुक त्वचा के लिए काफी लाभकारी है।

    जैतून का तेल

    अगर बच्चा बहुत ज्यादा कमजोर है, तो जैतून के तेल से ही मालिश (Malish – Massage) करें। इससे शरीर में ताकत आती है और त्वचा को पूरा पोषण मिलता है। और बच्चे के शरीर पर किसी भी प्रकार की पपड़ी आदि नहीं जमेगी।




    सरसों का तेल

    इसे हर वर्ग के लोग आसानी से बच्चों के लिए खरीद सकते हैं। क्योंकि यह ज्यादा मंहगा नहीं होता है। सरसों का तेल बच्चों के लिए अच्छा माना जाता है। इससे मालिश करने से शरीर में रक्त का संचार अच्छी तरह से होता है। त्वचा को पोषण और शरीर को मजबूती मिलती है।

    तिल का तेल

    यह तेल मालिश करने के लिए काफी अच्छा माना जाता है। अगर बच्चे की त्वचा खींच जाती है तो तिल का तेल लगाएं और उसी से मालिश करें। लेकिन यह नकली न हों, वरना इससे नुकसान भी हो सकता है। इस तेल को लगाने से शरीर में गर्माहट आती है।

    बादाम का तेल – Almond Oil for Baby Massage

    बादाम का तेल बच्चेे ही नहीं हर उम्र के लोगों के लिए लाभप्रद होता है। इसमें विटामिन ई की भरपूर मात्रा होती है जिससे शरीर को ताकत मिलती है।

    सूरजमूखी का तेल

    यह त्वचा के लिए पूरी तरह से सुरक्षित होता है। इसमें विटामिन ई और फैटी एसिड होता है जो शरीर को मजबूती प्रदान करता है। इससे बच्चे की त्वचा पोषित करने से उसके शरीर को काफी लाभ होगा।

    केमोमाइल आयल

    यह एक बढिय़ा तेल होता है जिसमें नवजात शिशु (Newborn Baby) की त्वचा के लिए सभी आवश्यक तत्व होते हैं। इसे लगाने से बच्चों की त्वचा में रैशेज नहीं पड़ते हैं और उसे किसी प्रकार का संक्रमण भी नहीं होता है।

    कैलेंडुला आयल

    कैलेंडुला के फूल के तेल में भी कई गुण छुपे होते है जो नाजुक त्वंचा की नमी को बनाएं रखते हैं और उसको मजबूती भी देते हैं।

    केस्टर आयल

    केस्टर आयल को अरंडी के तेल भी कहा जाता है। यह तेल बच्चे की त्वचा को पोषण प्रदान करता है और त्वचा, बालों और नाखूनों को मजबूत बनाता है। इन्हेे ड्राई होने से बचाता है। इसे बच्चे की आंखों और ओठों से दूर रखें।

    टांगें – Baby ki Legs ki Malish

    बच्चे की थकान को दूर करने के लिए मालिश (Malish – Massage) की शुरुआत पैरों से करें। इसके लिए हाथों पर तेल को मलें तथा जांघों को मलते हुए नीचे पैरों तक आएं। एक पैर की मालिश के बाद दूसरे पैर की मालिश भी इसी तरह से करें।

    पैर – Foot

    पैरों की मालिश को आरंभ करने से पहले बच्चे के पैरों को दोनों दिशाओं में घुमाएं। फिर मालिश को टखने से शुरु करते हुए ऊपर उंगलियों तक लेकर जाएं। दोनों पैरों पर प्रक्रिया को दोहराएं।

    एड़ी – Heel

    हाथ के अंगूठे से बच्चे की छोटी-छोटी एडिय़ों की मालिश करें। मालिश के दौरान अंगूठा चक्राकार में घुमना चाहिए।

    पैरों की उंगलियां

    बच्चे की पैरों की उंगलियों को अपने हाथों की उंगलियों के बीच में लेकर हल्के से ऊपर की ओर खींचे। इस तरह हर एक-एक उंगली की मालिश करें।

    भुजाएं

    भुजाओं की मालिश भी टांगों की तरह की करें। हाथों पर तेल लगाकर भुजाओं को मलते हुए नीचे कलाई तक आएं। फिर उसकी कलाई को धीरे से दोनों दिशाओं में घुमाएं।




    हाथ – Hands

    बच्चे के हाथ को अपने हाथों में लेकर व हलके हाथों से उसकी हथेली की मालिश करें। इस प्रक्रिया को दूसरे हाथ पर भी दौहराएं।

    हाथ की उंगलियां

    हाथ की उंगलियों को अपने हाथों की उंगलियों के बीच में लेकर हल्के से ऊपर की ओर खींचे। इस मालिश (Malish) की शुरुआत हाथ की छोटी उंगली से शुरू करके अगूंठे पर खत्म करें। दूसरे हाथ की उंगलियों की मालिश भी इसी तरह करें।

    छाती – Chest

    अपने हाथों को जोड़ते हुए बच्चे की छाती से थोड़ा सा ऊपर रखें। फिर हाथों को खोलते हुए छाती पर रखें और मालिश ऊपर की ओर को करें। इसके बाद हाथों को इसी तरह जोडक़र खोलें और मालिश को ऊपर की ओर करने के बजाय नीचे जांघों की ओर करें।

    पीठ

    बच्चे को पेट के बल लेटाएं व अपनी उंगलियों से उसकी पूरी पीठ की मालिश करें। इसके बाद कंधों से लेकर पैरों तक की मालिश करें। मालिश के बाद अपने बच्चे को दूध पिलाएं। इस आरामदायक मालिश के बाद बच्चे को जल्द ही अच्छी नींद आ जाती है।

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