ऋतुओं के अनुसार खानपान से रहें रोगमुक्त – eating habits according to weather

ऋतुओं के अनुसार खानपान से रहें रोगमुक्त – Eating Habits According to Weather

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  • भारत में ऋतु के अनुसार खानपान और रहन-सहन में बदलाव हमारे जीवन पर अलग प्रभाव डालता है। हमारे में देश में इस पर इस बारे में काफी सकारात्मक अनुसंधान किया गया है। जैसे सर्दी के मौसम (Winter Season) में भूख ज्यादा लगती है। भारी खाना भी आसानी से पच जाता है। दूसरी ओर गर्मी के मौसम (Summer Season) में पाचन शक्ति कमजोर होने से अपच रहने की समस्या हो जाती है। हमारा शरीर मौसम के हिसाब से ढल जाता है लेकिन ढलने के प्रयास में कुछ कमजोर भी पड़ जाता है। बदलते मौसम के अनुसार, यदि खानपान, पहनावे या दिनचर्या में मौसम के हिसाब से बदलाव करें तो मौसम के बदलाव से होने वाले रोगों से लडऩे में शरीर का साथ दे सकते हैं। शरीर की प्रतिरोधी क्षमता अच्छी रहती है। इस तरह बीमार होने की संभावना कम हो जाती है।

    अलग-अलग ऋतुओं के अनुसार आहार – Rituon Ke Anusar Kare Khanpan – Eating Habits




    बसंत ऋतु में ये सब आहार सही – Varsha Ritu Ka Aahar

    सबसे पहले बसंत ऋतु (Vasant Ritu) का मौसम का आता है। इस मौसम में बेचैनी, भारीपन, पेट दर्द, अरुचि, भूख न लगना, बुखार, खांसी, बदन में दर्द आदि की समस्या हो सकती है। इसलिए हमें अपने खान-पान का पूरा ध्यान रखना चाहिए। बसंत ऋतु में पुराना गेंहू, जौ, बाजरा, मक्का, ज्वार, धान, मूंग, मसूर, अरहर, चने की दाल, बथुआ, चौलाई, लौकी, परवल, मेथी, पालक, अदरक, धनिया आदि का सेवन करना उचित है। ऐसे में मौसम में सुबह जल्दी उठकर सैर करना, योगासन करे। वहीं शहद के साथ हरड का सेवन करना चाहिए।

    बसंत ऋतु में ये सब आहार लेने से करें गुरेज

    नया अनाज, दही, उड़द, आलू, प्याज, गन्ना, नया गुड़, भैंस का दूध, सिंघाड़ा, ठंडे व चिकनाई वाले भारी आहार का प्रयोग नही करना चाहिए।

    ग्रीष्म ऋतु – Grishama Ritu

    दूसरी ऋतु है गर्मियों की। इस मौसम में लू लगना, नकसीर, लीवर के रोग पीलिया, उल्टी, दस्त, बुखार, कमजोरी आदि आना आम बात है। ऐसे में हमें हल्के भोजन का सेवन करना चाहिए। इस मौसम में चावल, जौ, मूंग, मसूर, दूध, शर्बत, दही की लस्सी, छाछ, सतू, फलों का रस, जल जीरा, तरबूज, खरबूजा, गन्ना, नारियल पानी, शिकंजी, संतरा, अनार आदि का सेवन करना चाहिए। बार-बार पानी पीना चाहिए। ठंडे पानी से नहाना लेना चाहिए और दिन में कुछ देर सो लेना अच्छा रहता है।

    इस मौसम में ये सब खाने से रखें परहेज – Rituon Ke Anusar Khanpan Se Rakhen Parhej

    इस मौसम में गर्म, तीखा, ज्यादा नमक वाला, तला हुआ, मैदा या बेसन से बना या पचने में भारी भोजन नहीं खाना चाहिए। धूप में घूमना, अधिक शारीरिक श्रम आदि नहीं करना चाहिए। रेशमी कपड़े नहीं पहनने चाहिए।




    बरसात या वर्षा ऋतु में खाने में बरतें एहतियात

    वैसे तो यह मौसम सभी को बहुत पसंद होता है लेकिन इस मौसम में बीमारी का खतरा भी ज्यादा रहता है। इसलिए हमें फोड़े-फुंसी, मलेरिया, डेंगू बुखार, टाइफाइड, जोड़ों में दर्द, सूजन, खुजली, आई फ्लू आदि से बचना चाहिए। इन सब बीमारियों से बचने के लिए खाने का ध्यान रखना चाहिए। हमें खाने में घी, दूध, छाछ में बनाई बाजरे की रबड़ी, पुराना अनाज गेहूं, जौ, चावल, सब्जी में लौकी, तुरई, परवल, मेथी, बैंगन, कद्दू, करेला, अदरक, लहसुन इत्यादि खाना चाहिए।

    इस मौसम में ये सब खाना नुकसानदायक

    वर्षा ऋतु (Varsha Ritu) में चावल, आलू, अरबी, भिंडी और पचने में भारी खाना, बासी खाना, दही, छाछ और ज्यादा पेय पदार्थ, मछली आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। कीड़े, झिंगुर और मच्छरों से बचाव करना चाहिए। दिन में सोना, खुले में सोना, बारिश में अधिक भीगने से बचना चाहिए।

    शरद ऋतु में बीमारियां और उचित आहार – Sharad Ritu Mein Bimariyan Aur Aahar

    शरद ऋतु में सिर दर्द, चक्कर, खट्टे डकार, एसिडिटी, त्वचा रोग, कब्ज, जुकाम, अफारा आदि हो जाता है। इस मौसम में घी, मुनक्का, बादाम, काजू, अखरोट, अंजीर, खजूर, सिंघाड़ा, नारियल, छिलके वाली दालें, सुबह गुनगुने पानी के साथ नींबू का रस, सब्जियां, करेला, फलों का रस आदि खाना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। चंदन पाउडर या मुल्तानी मिट्टी का लेप, कसरत, तेल मालिश इत्यादि इस मौसम में शरीर के लिए फायदेमदं होता है।

    शरद ऋतु में ये सब खाने से करें गुरेज

    इस मौसम में मैदे से बनी चीजें, गरम, तीखा, भारी, मसालेदार खाना तथा तली हुई चीजें। ज्यादा मात्रा में भुट्टे, मूंगफली, कच्ची ककड़ी, दही आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। दिन में सोना, और मुहँ ढक़कर सोना ठीक नहीं होता।

    हेमंत ऋतु में ये सब करना उचित

    इस मौसम में पैर में बिवाई फटना, अस्थमा, लकवा, जुकाम आदि बिमारियां हो सकती हैं। इस मौसम में घी, तेल, उड़द, गोंद, मेथी के लड्डू, नया चावल, खीर आदि खाना लाभकारी होता है। शरीर में तेल से मालिश करना, उबटन, पैर के तलुओं की मालिश, गहरे रंग के कपड़े पहनना, गुनगुने पानी से नहाना, ऊनी कपड़े पहनना अच्छा रहता है।

    इस सबसे बचें

    इस मौसम में भूखा रहना, अधिक तरल भोजन, ठंडा और वायु बढ़ाने वाली चीजें नहीं खानी चाहिए। दिन में अधिक देर नहीं सोना चाहिए। तेज ठंडी हवा से बचना चाहिए और गर्म कपड़े पहनना शुरू कर देना चाहिए।

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