शर्म छोड़ें, श्वेत प्रदर (ल्यूकोरिया) पर खुलकर लें सलाह(likoria symptoms)

शर्म छोड़ें, श्वेत प्रदर (ल्यूकोरिया) पर खुलकर लें सलाह(Likoria Symptoms)

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  • आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में उचित खान-पान का न होने से हमारा शरीर बीमारियों का घर बन रहा है। अपने शरीर की देखभाल के लिए उचित समय न पाने के कारण कई बीमारियां लाइलाज नहीं तो गंभीर रूप जरूर ले रही हैं। ऐसी ही एक बीमारी ल्यूकोरिया (श्वेत प्रदर) है जो कम उम्र की लड़कियों से लेकर जवान और उम्र दराज महिलाओं को भी तकलीफ देती रहती है। अधिकतर महिलाएं ल्यूकोरिया या श्वेतप्रदर, सफेद पानी जैसी बीमारियों से जूझती रहती हैं, लेकिन शर्म से किसी को बताती नहीं और बीमारी को पालती रहती हैं। ल्यूकोरिया (Leukorrhea or Likoria) बीमारी को हल्के में लेना किसी लडक़ी के वैवाहिक जीवन और किसी विवाहिता के प्रजनन संबंधी दूसरे रोगों का कारण बन सकता है।

    ल्यूकोरिया के लक्षण – Likoria ke Lakshan – Likoria Symptoms Hindi




    योनि से सफेद बदबूदार स्राव, गुप्तांगों में जलन, खारिश और शरीर में दर्द रहने लगे तो समझिए आप ल्यूकोरिया (Leukorrhea or Likoria) से पीडि़त हैं। यह समस्या कई दिनों तक या फिर कई महीनों तक भी रह सकती है। इसका सही इलाज नहीं किया जाए तो यह जननांगों को प्रभावित कर सकता है।

    घरेलू नुस्खों से ल्यूकोरयिा का उपचार – Likoria Problem & Treatment in Hindi

    मेथी से ऐसे करें ल्यूकोरया का इलाज

    मेथी को पीसकर पानी में भीगे कपड़े में बांधकर योनि में रखने से ल्यूकोरिया ((Leukorrhea or Likoria) ठीक होता है। रात को 3 या 4 चम्मच पीसी मेथी को सफेद और साफ भीगे पतले कपड़े में बांधकर पोटली बनाकर जननेन्द्रिय के अंदर रखकर सोएं। ध्यान रखें कि पोटली साफ और मजबूत धागे से बंधी हो जिससे वह आसानी से योनि से बाहर भी निकाली जा सके। मेथी के लड्डु खाने से भी इस बीमारी से राहत मिलती है। गर्भाशय कमजोर होने पर भी योनि से पतला स्राव होता रहता है जिससे प्रजनन में दिक्कत होती है। गुड़ और मेथी का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर एक-एक चम्मच कुछ दिनों तक खाने से यह प्रदर (White Descharge) बंद हो जाता है।

    आंवला बहुत उपयोगी

    ल्यूकोरिया (Leukorrhea or Likoria) पीडि़तों के लिए आंवला बहुत उपयोगी है। आंवला कफ के असंतुलन को कम कर योनि के स्राव को संतुलित करता है। इसके लिए आंवले के सूखे बीजों को पीस कर इस मिश्रण को छाछ में मिलाकर दिन में दो बार पीएं। सूखे आंवले के बीज के साथ शहद और शक्कर के बने पेस्ट का सेवन दिन में दो बार लाभकारी है।

    केले, ककड़ी, गाजर और जामुन से इलाज




    2 पके केले चीनी के साथ कुछ दिनों तक रोजाना खाना से ल्यूकोरिया से राहत मिलती है। ककड़ी के बीज, कमलककड़ी, जीरा और चीनी (शक्कर) को बराबर मात्रा में लेकर 2 ग्राम की मात्रा में रोजाना सेवन करने से श्वेतप्रदर (ल्यूकोरिया) में लाभ होता है। छाया में सुखाई जामुन की छाल का चूर्ण 1 चम्मच की मात्रा में दिन में 3 बार पानी के साथ कुछ दिन तक रोज खाने से श्वेतप्रदर (ल्यूकोरिया) में लाभ होता है। गाजर, पालक, गोभी और चुकंदर का रस पीने से स्त्रियों के गर्भाशय की सूजन और ल्यूकोरिया रोग ठीक होता है।

    फिटकरी बहुत ही कारगर

    एक चौथाई चम्मच पिसी फिटकरी पानी के साथ रोजाना तीन बार फकी लेना फायदेमंद है। साथ ही पानी में फिटकरी घोलकर योनि को गहराई तक सुबह-शाम धोने से यह रोग ठीक होता है।

    नीम और बबूल

    नीम और बबूल की छाल को बराबर मात्रा में कूटें। इसका काढ़ा बनाकर सुबह-शाम सेवन करने से श्वेतप्रदर (Leukorrhea or Likoria) में लाभ मिलता है। रक्तप्रदर (खूनी प्रदर) होने पर 10 ग्राम नीम की छाल को पीसकर 2 चम्मच शहद मिलाकर रोजाना 3 बार खुराक लें, लाभ मिलेगा।

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