काली मिर्च – जायकेदार मसाला ही नहीं, औषधि भी(black pepper benefits)

काली मिर्च – जायकेदार मसाला ही नहीं, औषधि भी(Black pepper Benefits)

  • Lifestyle हिन्दी
  • no comment
  • लाइफ-स्टाइल
  • 1962 views
  • भारतीय रसोई में बहुत ही खास मसाले के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली काली मिर्च(Kali Mirch) को सिर्फ जायके के लिए ही नहीं बल्कि इसके औषधीय गुणों के लिए भी जानी जाती है। काली मिर्च सिर्फ भोजन को ही स्वादिष्ट नहीं बनाती बल्कि हमारे हाजमे और स्वास्थ्य को भी ठीक रखती है। काली मिर्च भले ही लाल मिर्च के मुकाबले कम तीखी हो लेकिन अधिक गुणकारी है। आयुर्वेदिक दृष्टि से काली मिर्च को सभी प्रकार के जीवाणु (बैक्टीरिया), विषाणु (वायरस) आदि का नाश करने वाली औषधि बताया गया है।

    इसके अनेकों फायदों के चलते काली मिर्च(Kali Mirch) को किंग ऑफ स्‍पाइसिस भी कहा जाता है। काली मिर्च दक्षिण भारत में अधिकतर पाई जाती है। एक महत्‍वपूर्ण मसालों में से एक काली मिर्च को अब अधिकतर ट्रौपिकल देशों में उगाया जाता है। भोजन में काली मिर्च का उपयोग गर्म मसालों में किया जाता है। मसाले के अतिरिक्‍त काली मिर्च का उपयोग कई रोगों में भी किया जाता है।




    पोषक तत्वों से भरपूर

    काली मिर्च(Kali Mirch) में आयरन, पोटेशियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, जिंक, क्रोमियम, पिपरीन, विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन डी, एंटी-ऑक्सीडेंट समेत कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व पेट दर्द, बदहजमी, अरुचि (भूख न लगना), बुखार, दांत दर्द, मसूड़ों की सूजन, आंखों से जुड़ी समस्या में लाभकारी सिद्ध होते हैं।

    काली मिर्च का घरेलू उपचार में इस्तेमाल

    अस्थमा के इलाज का घरेलू उपचार

    • 180 मिमी पानी में मु_ी भर सहजन की पत्तियां मिलाकर करीब पांच मिनट तक उबालें। मिश्रण के ठंडा होने पर उसमें चुटकीभर नमक, काली मिर्च(Black Pepper) और नींबू रस मिलाएं। इस सूप का नियमित रूप से इस्तेमाल दमा उपचार में कारगर माना गया है।
    • एक पका केला छिलका लेकर चाकू से लंबाई में चीरा लगाकर उसमें एक छोटा चम्मच दो ग्राम कपड़ा छानी हुई काली मिर्च(Black Pepper) भर दें। फिर उसे बगैर छीले ही, केले के वृक्ष के पत्ते में अच्छी तरह लपेट कर डोरे से बांध कर 2-3 घंटे रख दें। इसके बाद केले के पत्ते सहित उसे आग में इस तरह भूने कि ऊपर का पत्ता जले। ठंडा होने पर केले का छिलका निकालकर केला खा लें। अस्थमा से आराम मिलेगा।

    नेत्र रोगों में कारगर उपयोग

    काली मिर्च(Kali Mirch) का प्रयोग नेत्र ज्‍योति में बड़ा सहायक है। इसके पाउडर को शुद्ध देसी घी के साथ मिला कर खाने से आंखों की ज्‍योति के साथ-साथ आंखों के कई रोग भी दूर होते हैं।

    श्‍वास संबंधी रोगों, खांसी-जुकाम मे लाभ

    आधी चम्‍मच काली मिर्च के पाउडर को थोड़े से गुड़ मिला कर इसकी छोटी-छोटी गोलियां बना कर चूसने से खांसी में आराम मिलता है। वहीं पानी में तुलसी, काली मिर्च, अदरक, लौंग और इलाइची के साथ उबालकर इसकी चाय बना कर पीने से जुकाम और बुखार में लाभ होता है। बारीक पिसी काली मिर्च, गुलहठी और मिश्री मिला कर रख दें। साथ ही, इस मिश्रण को एक चुटकी शहद के साथ मिला कर खाने से गले की तकलीफ में लाभ होता है तथा आवाज भी साफ होती है।




    हाजमा करे दुरुस्त

    पाचन तंत्र संब‍ंधी रोगों में काली मिर्च को किशमिश के साथ मिलाकर 2-3 बार चबाकर खाने से पेट के कीड़े दूर होते हैं। वहीं छाछ में काली मिर्च(Kali Mirch) पाउडर मिला कर पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। नींबू के टुकड़ों से बीज निकालकर इसमें पिसा काला नमक और काली मिर्च पाउडर भर कर गर्म कर के चूसने से बदहजमी में लाभ मिलता है।

    पेट की गैस करे दूर

    एक कप गर्म पानी में 3-4 पिसी काली मिर्च के साथ नींबू का रस मिला कर पीने से गैस की शिकायत दूर होती है।

    कई अन्‍य रोगों में भी लाभकारी

    नमक के साथ काली मिर्च(Kali Mirch) मिला कर दोतों में मंजन करने से पाइरिया ठीक होता है। दांतों में चमक और मजबूती बढ़ती है। पिसी काली मिर्च को थोड़े से शहद के साथ मिला कर खाने से स्‍मरण शक्ति बढ़ती है। पिसी काली मिर्च को तिल के तेल में जलने तक गर्म करें। इसके बाद ठंडा कर इस तेल को मांसपेशियों पर लगाने से गठिया के दर्द में फायदा मिलता है।




    • अदरक और काली मिर्च की गर्म चाय में लहसुन की दो पिसी कलियां मिलाकर पीने से अस्थमा नियंत्रित होती है। सुबह-शाम इस चाय का सेवन करने से मरीज को फायदा मिलता है।
    • 4-5 लौंग लें और 125 मिली पानी में 5 मिनट तक उबालें। इस मिश्रण को छानकर इसमें एक चम्मच शुद्ध शहद और चुटकी भर काली मिर्च मिलाएं और गर्म-गर्म पी लें। हर रोज दो से तीन बार यह काढ़ा बनाकर पीने से मरीज को निश्चित रूप से लाभ होता है।

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *