गर्भावस्था (pregnancy) में क्या खाएं और क्या न खाएं?

गर्भावस्था (Pregnancy) में क्या खाएं और क्या न खाएं?

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  • महिलाओं को जब गर्भ में बच्चा पल रहा हो तो महिलाओं को अपने खानपान पर सावधानी बरतनी चाहिए। नौ महीने की गर्भावस्था (Garbhavastha) के दौरान प्रसूता महिला के खानेपीने और पसंद-नापसंद में ढेरों परिवर्तन आते हैं। गर्भावस्था के दौरान और उसके बाद महिला को अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि वह और उसका बच्चा (जच्चा-बच्चा) दोनों ही स्वस्थ रह सकें। जब महिला बच्चे को स्तनपान करवाना शुरू करती है तो उसे पौष्टिक भोजन के साथ-साथ भोजन में परहेज का भी ध्यान रखना चाहिए ताकि बच्चेह को कोई समस्याो न हो। ऐसे कई आहार हैं जिनका सेवन हर मां बनने वाली औरत को करना चाहिए।

    गर्भावस्था में क्या खाएं – Garbhavastha mein kya khaye – Foods for pregnant women in hindi




    • प्रोटीन और मिनरल्स से भरपूर कच्चा दूध प्रसूता मां की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। हालांकि गर्भवती महिलाएं (Pregnant Women), गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में कच्चे दूध का सेवन न करने की सलाह दी जाती है। ऐसे समय में उबले दूध का ही सेवन करना चाहिए।
    • गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान महिलाओं को हरी सब्जी और रसदार फल खाने की सलाह दी जाती है। वहीं ऐसे मौके पर गर्भवती महिलाओं को पपीता और अनानास खाने से परहेज रखना चाहिए।
    • गर्भावस्था में महिलाओं को माउल्ड कर तैयार सॉफ्ट चीज नहीं खानी चाहिए। अगर आप चीज खाना चाहती हैं तो सुनिश्चित कर लें कि वह पाश्चुरराइड दूध से बनी हों।
    • शराब, स्मोकिंग (Smoking) गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास में काफी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान मादक पदार्थों के सेवन से भी बचना चाहिए।
    • फलों का जूस सेहत के लिए बहुत लाभकारी होता है। गर्भवती महिलाओं को ठेलों पर बिकने वाले जूस को पीने से बचना चाहिए। कारण यह कि इसे स्वच्छ तरीके से नहीं बनाया जाता। ऐसे समय में उन्हें घर पर ताजा जूस बनाकर पीना चाहिए।
    • गर्भवती महिलाओं को चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक और सॉफ्टड्रिंक ज्यादा मात्रा में पीने से बचना चाहिए। इसके अलावा चॉकलेट के सेवन से भी उन्हें बचना चाहिये। इन पेय पदार्थों में नाममात्र की सही लेकिन शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले तत्व होते हैं।
    • गर्भावस्था (Garbhavastha – Pregnancy) के दौरान अधिक मात्रा में विटामिन का सेवन करना भी नुकासनदायक हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर ने आपको जितना विटामिन खाने को कहा है, उतना ही खाइए।
    • गर्भवती महिलाएं कोशिश करें कि दुकान की मिठाई का सेवन कम करें। इससे बच्चे को नुकसान हो सकता है।
    • सूजी से बनी हर चीज सेहत के लिए फायदेमंद है। इडली, डोसा आदि नई मां के लिए पोषक हैैं। इसके सेवन से शरीर में लैक्टोस की मात्रा बढ़ जाती है और बच्चे के लिए अधिक दूध का निर्माण होता है।
    • प्रसव के बाद प्रसूता को सूप अवश्य पिलाना चाहिए। सब्जियों का सूप, गाजर का सूप और अन्य सूपों से शरीर को मजबूती मिलती है।
    • नई मां के पेट को भारी भोजन पचाना मुश्किल है। ऐसे में हल्का फुल्का भोजन ही करना चाहिए। इसमें दलिया या खिचड़ी सर्वोत्तम आहार है।
    • प्रसव के बाद शरीर को सबसे ज्यादा द्रब पदार्थों की जरूरत पड़ती है। इससे बॉडी में डिहाइड्रेशन नहीं होता है। ऐसे में सूप, जूस या पतला खाद्य शरीर के लिए पोषक है।



    अदरक-लहसुन का करें इस्तेमाल – Ginger-Garlic

    अदरक और लहसुन का इस्तेमाल काफी लाभदायक है। इससे शरीर की पाचन क्रिया दुरुस्त बनी रहती है और वजन भी संतुलित रहता है। इससे नई मां के शरीर में दूध भी बनता है।

    सूखे मेवे का करें भरपूर सेवन – Dry Fruits

    मेवों में अपार पोषकता है। बादाम, किशमिश, काजू आदि का सेवन करना चाहिए। अकेले मेवों के सेवन के अलावा स्वास्थ्यवर्धक रेसिपी तैयार कर मेवों का सेवन करना चाहिए।

    दाल और मेथी पुलाव

    मेथी पुलाव के सेवन से पाचन तंत्र सही बना रहता है और नई मां के शरीर को ऊर्जा भी मिलती है। इसी तरह दाल में भरपूर प्रोटीन और ऊर्जा होती है। प्रसव के बाद दाल को देसी घी के साथ सेवन करना खासतौर पर लाभप्रद माना गया है।

    गर्भावस्था के दौरान इन चीजों के सवेन से करें परहेज – Foods to Avoid During Pregnancy

    तली-भुनी चीजें खाने से रखें परहेज

    प्रसव के बाद महिला को कम वसा वाला दूध पीना चाहिए। दूसरी ओर तली-भुनी हुई चीजों से खास परेहेज रखें। सह शरीर का पाचन-तंत्र और बला खराब कर सकती हैं। वहीं शाम के भोजन से बचें और तला भोजन, खट्टा दही न खाएं।




    मांसाहार से बचें

    गर्भावस्था (Pregnancy) के आसपास मांसाहार का सेवन करने से खासतौर पर परहेज बरतें। लोग ताकत और ऊर्जा पाने के लिए मांसाहार करते हैं। हालांकि यह जानना भी जरूरी है कि जिस मांस को वे पोष्टिक आहार समझते हैं, बीमारियों का घर होता है। भूलकर भी गर्भावस्था के दौरान मांस, अंडा या मछली का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे कई तरह की बीमारियां फैलने का डर रहता है और इस दौरान बीमारियों के इलाज के लिए दवाई का सेवन आसान नहीं होता।

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