जानलेवा डेंगू- एक खतरनाक वायरल रोग(dengue symptoms & remedies)

जानलेवा डेंगू- एक खतरनाक वायरल रोग(Dengue Symptoms & Remedies)

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  • एक मच्छर आदमी की जान ले सकता है। कम से कम संक्रमित मादा एडीज एजिप्टी मच्छर (Female Aedes aegypti Mosquito) के काटने से फैलने वाले रोग के बारे में तो कहा ही जा सकता है। डेंगू पूरी दुनिया में पाया जाने वाला एक खतरनाक वायरल रोग है जो एक संक्रमित मच्छर से कई लोगों में फैल सकता है। बरसात के मौसम में डेंगू का रोग हर साल भयानक रूप धारण करता है। मॉनसून की दस्तक के साथ ही टीवी चैनलों और समाचार पत्रों की सुर्खियां डेंगू रोग से ग्रस्त मरीज बन जाते हैं। ढेंगू होने पर तेज बुखार के साथ शरीर के उभरे चकत्तों से खून रिसता हैं। डेंगू बुखार (Dengue Fever) धीरे-धीरे एक महामारी का रूप धारण कर लेता है। यदि समय पर इलाज न करवाया जाए तो यह जानलेवा हो सकता है। हालाकि, डेंगू को लेकर लोगों में कई बहुत सी गलत धारणाएं भी हैं। डेंगू (Dengue) से मौत होना निश्चित नहीं है। डेंगू बुखार से होने वाली मौतें एक फीसदी से भी कम हैं। इस बीमारी की अवधि अकसर एक से दो हफ्ते तक है।

    डेंगू रोग के लक्षण – Dengu Ke Lakshan – Karan – Dengue Fever Symptoms Hindi




    डेंगू से बचने के लिए खुद को मादा एडीज इजिप्टी मच्छर (Female Aedes aegypti Mosquito से बचना जरूरी है। इस मच्छर को पहचानने के लिए गौर करें कि इनके शरीर पर चीते जैसी धारियां तो नहीं हैं। ये ज्यादातर शरीर पर घुटने के ऊपर काटते हैं। डेंगू होने पर ठंड लगती है और तेज बुखार आता है। शरीर पर लाल चकते बन जाते है जो सबसे पहले पैरों, फिर छाती और कभी-कभी पूरे शरीर पर फैल जाते हैं। पेट खराब होना, उसमें दर्द होना, दस्त लगना, लगातार चक्कर आना और भूख न लगना भी डेंगू का एक लक्षण है। रक्त मे प्लेटलेट्स (Platelets) की संख्या कम होने और नब्ज का दबाव कम होना (20 मिमी एच.जी दबाव से कम) सिरदर्द, चक्कर, भूख ना लगना, खून के साथ दस्त और खून की उल्टी आना इसके कुछ प्रमुख लक्षण हैं। जब डेंगू हैमरेज ज्वर होने पर बहुत तेज बुखार रहता है। मरीज की हालत गंभीर होने पर प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से कम होती है और नाक, कान, मुंह या अन्य अंगों से रक्त स्राव शुरू हो जाता है। इससे रक्त चाप काफी कम हो जाता है। यदि समय पर उचित चिकित्सा ना मिले तो रोगी कोमा में चला जाता है। रक्त की कमी से थ्रोंबोसाटोपेनिया और कई मामलों में तो मृत्यु हो जाती है। बरसात के मौसम में अपरोक्त लक्षण नजर आएं तो घरेलू उपचारों पर ही निभर न रहें बल्कि तुरंत डॉक्टर के पास जाकर अपनी जांच करवाएं।

    डेंगू के कारण और बचाव – Dengue Preventions – Home Remedies Hindi – Dengu Gharelu Upay

    डेंगू फैलने के कारणों की अगर जानकारी हो तो उससे बचाव के उपाय सहज ही खोजे जा सकते हैं। मसलन, घर के आसपास मच्छर होने पर डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में घर के आसपास पानी, गंदगी या कोई भी ऐसा कारण न पैदा होने दें जो मच्छर पैदा होने में मददगार हो। मच्छर नहीं होंगे तो खुद ही डेंगू (Dengu) का खतरा कम हो जाएगा।




    • घर के आसपास पानी जमा न होने दें। अगर कहीं पानी जमा हो उसमें केरोसिन तेल डालें या कीटनाशक का छिडक़ाव करें। कूलर का काम न हो तो उसे सूखा कर रखें या रोज उसका पानी बदलें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और सोने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।
    • बर्तनों रखे पानी को ढक कर रखें। यदि जरूरत न हो तो बर्तन खाली करके या उल्टा कर के रखें।
    • मच्छर रोधी क्रीम, स्प्रे, लिक्विड, इलेक्ट्रॉनिक बैट आदि का प्रयोग मच्छरों के बचाव के लिए करें।
    • मच्छर पैदा होने से रोकने का हर संभव प्रयास करें। घर और पास-पड़ौस में पानी को जमा न होने दें। प्लास्टिक बैग, कैन, गमले, सडक़ों या कूलर में जमा पानी को तुरंत साफ करें या उसमें केरोसिन तेल कीटनाशी का छिडक़ाव करें।

    डेंगू से बचाव के आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक तरीके – Dengue Natural & Ayurvedic Remedies Hindi

    • घर में नीम की सुखी पत्तियों और कर्पूर की धूणी करने से मच्छर मर जाते हैं। यहां तक कि कोने और पर्दों के पीछे छिपे मच्छर भी घर से भाग जाते हैं।
    • घर की खिडक़ी आदि में तुलसी का पौधा लगाना भी मच्छरों से बचाव में कारगर है।
    • नीम, तुलसी, गिलोय, पिप्पली, पपीते के पत्तों का रस, गेंहू के ज्वारों का रस, आंवला, ग्वारपाठे और किवी का रस डेंगू से बचाव में बहुत उपयोगी है। इनसे शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है जिससे शरीर को डेंगू वायरस से मुकाबला करने की ताकत मिलती है।
    • 25 ग्राम ताजे गिलोय का तना लेकर पीस लें। 4-5 तुलसी के पत्ते और 2-3 काली मिर्च पीसकर एक लीटर पानी में उबालें। यह काढ़ा डेंगू, स्वाइन फ्लू और चिकन गुनिया जैसे वायरल इंफेक्शन से बचाव में बहुत कारगर है।

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