खटे-मीठे मौसमी बेर (ber) खाने के कई हैं फायदे

खटे-मीठे मौसमी बेर (Ber) खाने के कई हैं फायदे

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  • खटे-मीठे बेर (Ber – Indian Jujube) खाने में बेहद स्वादिष्ट और पौष्टिक होते हैं। बेर में प्रचूर मात्रा में विटामिन सी होता है। इससे त्वचा लंबे समय तक जवां रहती है। बेर एक मौसमी फल है जो एक ही मौसम में होता है। जब यह कच्चा होता है हरे रंग का और पकने पर यह लाल और हल्का भूरे रंग का हो जाता है। बेर को चीनी खजूर भी कहा गया है। कारण यह कि चीन में कई दवाइयां बनाने में इसका उपयोग होता हैं। बेर के पेड़ की ऊंचाई कुछ ज्यादा नहीं होती और ये झाड़ीदार होते हैं। बेर के पेड़ की डालियों पर छोटे -छोटे लेकिन नुकीले कांटे लगे होते हैं। बेर के पेड़ पर फूल नहीं होते बल्कि इस पर केवल छोटे-छोटे सुपारी के आकार के बेर होते हैं।

    बेर खाने के फायदे, लाभ – Ber ke fayde – Indian Jujube Health Benefits




    बेर के अलग-अलग नाम – Names of Indian Jujube

    बेर (Ber) को विभिन्न भाषाओं में अलग-अलग नामों से पुकारा जाता हैं। संस्कृत भाषा में इसे बदरी, गुजरात में बोरडी, मराठी में बोर और बंगला भाषा में इसे कुल और बोगरी के नाम से जाना जाता हैं। तेलगु भाषा में इसे रेग्चेट्टू, तमिल भाषा में इलडे और कल्लारी कहते हैं। फारसी में बेर के लिए कुनार, अरबी में इसे सीदर, नंबक नाम से जाना जाता हैं। अंग्रेजी भाषा में इसके लिए अंग्रेजी के शब्द पलम का प्रयोग किया जाता हैं। बेर का लेटिन नाम जिजिफस जुजुबा हैं।

    सामान्य तौर पर पाए जाते हैं तीन किस्म के बेर – Varieties of Indian Jujube

    जंगली बेर – Indian Ber

    जंगली बेरों को काठी बेर के नाम से जाना जाता हैं। जंगली बेरों का आकार गोल होता है और इसके अंदर बेर की अन्य दो किस्मों के मुकाबले गूदा कम होता हैं। इसका स्वाद खाने में खट्टा होता हैं। बेर की इस किस्म को अधिक पसंद किया जाता हैं।

    झरबेर

    बेर (Ber – Indian Jujube) की इस किस्म को कनी बेर के नाम से जाना जाता हैं। झरबेर के पेड़ पर पत्तों की संख्या कम होती है। कांटों की सख्या अधिक होती हैं। इसके वृक्ष पर बेरों की झड़ी लगी होती हैं। महाराष्ट्र में इसकी एक छोटी किस्म को बोराटी के नाम से भी जाना जाता हैं।




    पेबंदी बेर

    यह बेर की तीसरी किस्म है। पेबंदी बेर अन्य दो बेरों की किस्मों से काफी बड़े और स्वादिष्ट होते हैं।

    बेर (Ber) में मौजूद गुण और इसे खाने के फायदे – Amazing Benefits of Indian Jujube

    – बेर का स्वाद खट्टा तथा मीठा होता हैं। अधिक मीठे बेरों में गुण भी अधिक होते हैं। मीठे बेर को खाने से शरीर की ताकत में वृद्धि होती हैं और रक्त शुद्ध होता हैं और प्यास बुझती हैं।

    – खट्टे बेरों को खाने से खांसी होती हैं। पके बेरों को खाने से बहुत सी बीमारियां ठीक हो जाती हैं। जैसे अतिसार, रक्तदोष, श्रम और शोष आदि। पके बेर मधुर, उष्ण, कफ नाशक, पाचक और रुचिकर होते हैं। बेर की तासीर ठंडी होती हैं। यह पित्त को नष्ट करने के लिए उपयोगी हैं।

    – बेर (Ber – Indian Jujube) में फास्फोरस की कुछ मात्रा विद्यमान होती हैं। इसे खाने से शरीर और दिमाग मजबूत होता हैं।

    – बेर खाने से बाल और शरीर की हड्डियां मजबूत होती हैं। बेर को खाने से व्यक्ति की भूख बढ़ती हैं। बेर खाने से मर्दाना ताकत भी बढ़ती हैं। इसमें विटामिन सी होने से यह आंखों की रोशनी के लिए भी यह बहुत ही उपयोगी हैं।

    – बेर का इस्तेमाल करने से पाचन तंत्र के आंत के कीड़े भी नष्ट हो जाते हैं। खून के दस्तों से राहत पाने के लिए भी यह बेहद उपयोगी होता हैं। इसे खाने से वमन की शिकायत भी दूर हो जाती हैं।

    – बेर (Indian Jujube) के पेड़ के पत्तों को गिलटी पर लगाया जाये तो गिलटी कुछ ही समय में पक जाती हैं और व्यक्ति को गिलटी के रोग से छुटकारा मिल जाता हैं।

    – पेट दर्द होने पर छाछ के साथ बेर का सेवन करने से पेट का दर्द पूरी तरह से शांत हो जाता है।

    – बेर में प्राकृतिक गुण होते हैं जिस वजह से यह पुरानी खांसी को भी ठीक कर देती है। खांसी को ठीक करने के लिए बेर का जूस पीना चाहिए। इससे बुखार और खांसी दोनों ही खत्म हो जाती हैं।

    – बेर में 61 प्रकार के प्रोटीन होते हैं जिसमें केरिटलाइड और बी काम्प्लेक्स भी अधिक होता है।

    – घाव को जल्दी से भरने का काम करती हैं बेर की पत्तियां (Jujube leaves) चोट के घाव पर बेर की पत्तियों को पीसकर इसका लेप बनाकर लगाना चाहिए। बेर के गूदे को भी घाव पर लगा सकते हैं।




    – नींद न आने की समस्या है तो बेर का सेवन करें। बेर में कई तरह के एमीनो एसिड होते हैं जो शरीर में प्रोटीन को संतुलित कर नींद लाते है।

    – बेर में कॉपर, आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम होता है जो शरीर के इम्यून सिस्टम को ताकत देकर उसे मजबूत बनाती है। इससे इंसान का शरीर हर तरह के रोग लडऩे में सक्षम हो जाता है।

    – दिल का दौरा पडऩे की सबसे बड़ी वजह कोलेस्ट्राल का बढऩा है। बेर में कई तरह के गुण होते हैं जिसे खाने से कोलेस्ट्रोल नियंत्रित में रहता है। दिल का दौरा पढऩे की संभावना कम रहती है।

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