बवासीर एक गंभीर बीमारी, इसके कारण और घरेलू उपचार – home remedies for piles

बवासीर एक गंभीर बीमारी, इसके कारण और घरेलू उपचार – Home Remedies For Piles

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  • मौजूदा जिंदगी और मसालेदार खानपान का सबसे ज्यादा हमारे पाचन पर पड़ता है जिससे शरीर की दूसरी प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं। ऐसे ही खानपान और भागदौड़ भरी जिंदगी का नतीजा हमें बवासीर (Bawaseer – Piles) जैसी गंभीर बीमारी से पीडि़त होने के रूप में भुगतना पड़ता है। बवासीर या पाइल्स एक ऐसी बीमारी है जिसमें एनस (गुदा) के अंदर और बाहरी हिस्से की शिराओं में सूजन आ जाती है। इस वजह से गुदा के अंदरूनी या बाहर के हिस्से में कई बार मस्से बन जाते हैं जिनमें से कई बार खून तक निकलता है और बहुत तेज दर्द भी होता है। अगर परिवार में किसी को भी बवासीर हो तो आगे की पीढिय़ों में इस बीमारी के होने की आशंका बनी रहती है।




    बवासीर का इलाज – Bawaseer Ke Gharelu Nuskhe – Treatment for Piles

    खानपान संबंधी आदतों का रखें ध्यान

    बवासीर से बचाव के लिए अपने खानपान संबंधी आदतों पर संयम रखना बेहद जरूरी है। बवासीर होने पर जितना इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि आहार में क्या खाएं, उतना ही जरूरी है कि इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि क्या न खाएं। इन बातों का ध्यान रखने पर बवासीर से बहुत जल्द आराम मिलता है।

    आहर मे क्या खाएं – Bawaseer Mein Kya Khaye

    बवासीर (Piles) से पीडि़त व्यक्तियों को ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए। ऐसे लोगों को हरे मटर, शिमला मिर्च, तोरी, टिंडा, लॉकी, गाजर, मेथी, मूली, खीरा, ककड़ी आदि का खूब सेवन करना चाहिए। जमकर हरा सलाद खाएं।

    • इसी तरह बथुआ और पालक कब्ज से राहत देने के लिए अच्छा होता है। ऐसे फल-सब्जियों को खाना चाहिए जिससे कब्ज दूर हो।
    • पपीता, केला, नाशपाती, अंगूर और सेब आदि फल खूब डटकर खाएं। मौसमी, संतरा, तरबूज, खरबूजा, आड़ू, कीनू, अमरूद खाना बहुत फायदेमंद रहता हैं।


    • गेहूं के आटे मे सोयाबीन, ज्वार, चने आदि का आटा मिक्स कर लें। इस मिश्रण में बहुत ज्यादा फाइबर हो जाता है जिससे कब्ज दूर होता है और साथ ही बाबसीर में आराम मिलेगा।
    • टोंड दूध, शर्बत, शिकंजी, नींबू पानी या लस्सी भी खूब पीएं। दिन में कम से कम आठ गिलास पानी पीना अच्छा रहेगा।
    • पका पपीता, पका बेल, सेब, नाशपाती, अंगूर, तरबूज, मौसमी फल, किशमिश, छुआरा, मुनक्का, अंजीर, नारियल, संतरा, आम, अनार खाना बवासीर में फायदेमंद होता है।

    आहार में क्या न खाएं – Bawaseer Mein Kya Na Khaye

    • इंडियन स्टाइल का टॉयलेट बवासीर के मरीजों के लिए फायदेमंद बताया जाता है। कारण यह कि इसमें बैठने का तरीका ऐसा होता है कि पेट आसानी से साफ हो जाता है। वहीं वेस्टर्न टायलेट में शरीर की पोजिशन सही नहीं बनती।

    कुछ उपचार जो कारगर हो सकते हैं – Bawaseer Ke Upchar

    • रोज रात को एक चम्मच त्रिफला गर्म पानी के साथ लें। इसे लेने के बाद कोई और चीज न खाएं। इससे आपको कब्ज नहीं होगी और मल त्यादा आसान होगा।
    • रोज रात को ईसबगोल की भुस्सी एक चम्मच गर्म दूध के साथ लें। ये सारे उपाय कब्जियत दूर रखने के उपाय हैं।
    • बवासीर से अगर गुदा में सूजन और दर्द है तो एक टब में गर्म पानी लें और उसमें एक चुटकी पोटेशियम परमेंगनेट डाल दें। इसके बाद हर मल त्याग के बाद सिकाई करें, आराम मिलेगा।
    • मूली का नियमित सेवन बवासीर को ठीक करने में मददगार है। रात को सोते समय केले खाने चाहिए इससे रोगी को बहुत अधिक लाभ मिलता है।
    • रोगी व्यक्ति को सुबह और शाम के समय दो भिगोई हुई अंजीर खानी चाहिए और इसका पानी पीना चाहिए। इससे जरूर लाभ मिलगा।
    • गुड़ में बेलगिरी मिलाकर खाने से बवासीर के रोगी व्यक्ति को बहुत अधिक लाभ मिलता है और बवासीर रोग ठीक हो जाता है।
    • रात को 100 ग्राम किशमिश पानी में भिगो दें और इसे सुबह के समय में उसी पानी में पीस दें। इस पानी को रोजाना सेवन करने से कुछ ही दिनों में बवासीर रोग ठीक हो जाता है।
    • नींबू को चीर कर उस पर चार ग्राम कत्था पीसकर बुरक दें और उसे रात में छत पर रख दें। सुबह दोनों टुकड़ों को चूस लें, यह खूनी बवासीर की उत्तम दवा है।

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