परेशान न हो अगर आपका बच्चा बिस्तर में करता है सूसू – tips to stop bed wetting

परेशान न हो अगर आपका बच्चा बिस्तर में करता है सूसू – Tips To Stop Bed Wetting

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  • छोटे बच्चों का कहीं भी पेशाब (Peshab) कर देना आम बात होती है, खास करके रात में सोते समय नींद में पेशाब करना। किसी चिकित्सक से भी सलाह लेने में संकोच न करें। कुछ बच्चों में बिस्तर (Bistar) में पेशाब करने की आदत सी हो जाती है। इसे दूर करने के लिए बच्चे के साथ अत्यंत स्नेहपूर्ण व्यवहार करना चाहिए। उसे डांटना-फटकारना, धिक्कारना या शर्मिंदा करना बिल्कुल उचित नहीं है। यदि 3-4 वर्ष की आयु होने पर भी बच्चा बिस्तर में पेशाब करे तो यह एक बीमारी है। बच्चे को इस बीमारी से बचाने के लिए कुछ सावधानियां रखना जरूरी है। उसे सोने से पहले सूसू की आवाज कर पेशाब कराना चाहिए। शाम को 8 बजे के बाद ज्यादा पानी नहीं देना चाहिए। रात 1-2 बजे उसे धीरे से उठाएं और पेशाब करवाएं। यदि बच्चा १० वर्ष की उम्र के बाद भी बिस्तर पर पेशाब करता है, तो फिर किसी बीमारी का पता लगाने के लिए विशेषज्ञ की सेवा लेना जरूरी होता है। पाचन क्रिया खराब होने से बच्चे बिस्तर में पेशाब करना शुरू कर देते है। कई बार ज्यादा खाना खा लेने से या पेट में कीड़े हो जाए तब भी ऐसा हो सकता है। पेशाब की नाली में इन्फेक्शन होने की वजह से भी बार बार पेशाब और बिस्तर में पेशाब करने की समस्या हो सकती है।

    बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करना कैसे रोकें -Bacho Ka Bistar Per Peshab Karna Kaise Roke




    कई ऐसे घरेलू उपाय हैं जिनसे इसे बीमारी दूर कर सकते हैं(Bacho Ko Bistar Gila Karne Se Rokne Ke Gharelu Upay)

    शहद के साथ आंवला कारगर

    आंवले को बहुत अच्छी तरह से बारीक पीसकर कपड़े में छानकर चूर्ण बना लें। यह 3-3 ग्राम चूर्ण रोजाना शहद में मिलाकर बच्चों को सुबह-शाम चटाने से बच्चे बिस्तर में पेशाब करना बंद कर देते हैं। लगभग 10-10 ग्राम आंवला और काला जीरा लेकर पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण में इतनी ही मिश्री पीसकर मिला लें। यह चूर्ण रोजाना पानी के साथ खाने से बच्चे का बिस्तर में पेशाब करना बंद हो जाता है। सोते समय बच्चों (Bacho) को शहद खिलाने से बच्चों के नींद में पेशाब निकल जाने का रोग समाप्त हो जाता है।

    अखरोट, तिल और गुड

    तिल और गुड़ के लडड़ू बना कर बच्चों को खिलाने से उनका बिस्तर में पेशाब करने का रोग समाप्त हो जाता है। वहीँ अखरोट खिलाने से बच्चों की रात को सोते समय बिस्तर पर पेशाब करने की आदत खत्म हो जाती है।

    आंवला, मुनक्का, काला जीरा, और अजवायन, मिस्री

    आंवला, काला जीरा, और अजवायन, मिस्री का चूर्ण बना कर रात को खिलाएं। मुनक्का के बीज निकालकर उसमें एक-एक कालीमिर्च डालकर बच्चों को दो मुनक्के रात को सोने से पहले 2 हफ्तों तक लगातार खिलाने से बच्चों की बिस्तर पर पेशाब करने की बीमारी दूर हो जाती है।




    छुहारा, खजूर खाना लाभकारी

    250 मिलीलीटर दूध में 1 छुहारा डालकर उबाल लें। और दूध को ठंडा करके छुहारे को चबाकर खिलाने के बाद ऊपर से बच्चे को दूध पिला दें। ऐसा रोजाना करने से कुछ दिनों में ही बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करना बंद हो जाता है। बच्चे को रात को सोते समय पीठ के बल सुलाने की बजाय करवट लेकर सुलाना चाहिए। वहीँ बिस्तर पर पेशाब या बार-बार पेशाब आने पर दो छुहारे दिन में दो बार और सोते समय दो छुहारे दूध के साथ खाने से लाभ होता है।

    सिंघाड़ा और बबूल भी कारगर

    लगभग 50 ग्राम सिंघाड़े की गिरी को बारीक पीसकर इसका चूर्ण बना लें। इस चूर्ण के अन्दर 50 ग्राम चीनी मिला दें। और इस चूर्ण का 1 चम्मच सुबह-शाम बच्चे को पानी के साथ देने से फांयदा मिलेगा। बबूल की कच्ची फलियों को सुखाकर, घी में भूनकर उसमें मिश्री मिलाकर 4-4 ग्राम सुबह और शाम गर्म दूध के साथ पीने से बिस्तर पर पेशाब करने का रोग ठीक हो जाता है।

    शंखपुष्पी, अश्वगंधा और जटामांसी खाएं

    शहद (Honey) में शंखपुष्पी के पंचांग का आधा चम्मच चूर्ण मिलाकर आधे कप दूध से सुबह-शाम रोज 6-8 सप्ताह सेवन करना चाहिए। अश्वगंधा और जटामांसी को बराबर मात्रा में लेकर पानी में डालकर काफी देर उबालकर काढ़ा बना लें। इस काढ़े को छानकर बच्चे को 3 से 4 दिनों तक पिलाने से बिस्तर में पेशाब (Peshab) नहीं करता है।

    राई, जामुन

    लगभग 120 ग्राम राई के चूर्ण को पानी के साथ बच्चे को खिलाने से बिस्तर पर पेशाब करना बंद हो जाता है। इस्सी तरह जामुन की गुठलियों को छाया में सुखाकर पीसकर बारीक चूर्ण बना लें। इस 2-2 ग्राम चूर्ण को दिन में 2 बार पानी के साथ खाने को दें। लाभ मिलेगा।

    होम्योपथी उपचार

    होम्योपथी (Homeopathy) दवाइयों के द्वारा बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के रोग के कारण को दूर करके बच्चों की सोते समय बिस्तर पर पेशाब करने की समस्या को हमेशा के लिए ठीक किया जा सकता है।

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