अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर, एडीएचडी (adhd) : कारण, लक्षण और रोकथाम

अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर, एडीएचडी (ADHD) : कारण, लक्षण और रोकथाम

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  • बच्चों में एक सामान्य या कहें सबसे आम व्यवहार संबंधी विकार या बीमारी को चिकित्सकीय भाषा में अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर, एडीएचडी (Attention Deficit Hyperactivity Disorder – ADHD) और हिंदी में कहें तो ध्यान की कमी सक्रियता विकार कहा जाता है। बच्चों से शुरू हुई यह बीमारी इलाज न करवाने पर व्यस्कों में भी हो सकती है। एडीएचडी से पीडि़त खासकर बच्चे पढ़ाई में ध्यान न देने जैसी समस्याओं, व्यवहार को नियंत्रित करने में कठिनाई और गतिविधियों में अत्यधिक रस लेने के कारण होता है। विशेषज्ञों का दावा है कि एडीएचडी आम तौर पर बचपन में विकसित होता है और इलाज न करवाने पर व्यस्कता तक बढ़ सकती है। एक आम अभिभावक की नजर से बच्चों में अत्यधिक सक्रियता, बच्चों के बैठ नहीं पाने; लगातार चलने या लगातार अपने हाथों और पैरों को हिलाने जैसे कुछ सामान्य लक्षण दिखने पर सचेत हो जाएं। ऐसे बच्चों की गतिविधि अत्यधिक ऊर्जावान, तीव्र और लक्ष्य-निर्देशित नहीं हो पाती। सबसे बड़ी बात इस सब में बच्चे का नियंत्रण नहीं होता।




    अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर, एडीएचडी – ADHD Ke Lakshan Aur Upchar

    बचपन को कर सकती है प्रभावित

    एडीएचडी (ADHD) के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। यह बीमारी या विकार दोनों बच्चों और व्यस्कों को प्रभावित कर सकती है। एडीएचडी एक व्यक्ति को अपने बचपन के दौरान प्रभावित कर जवानी तक प्रभावित कर सकती है। एडीएचडी से पीडि़त व्यस्कों को समय के प्रबंधन, काम को व्यवस्थित, प्रबंधन करने में और खास तौर पर एक नौकरी में स्थापित रहने में और लक्ष्य निर्धारत करने में कठिनाई पेश आ सकती है।

    लक्षण जिन्हें देख एडीएचडी के बारे में जान सकते हैं – Symptoms of ADHD in Hindi

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक बच्चे या व्यस्क में एडीएचडी को समझने के लिए कई तरह के लक्षण देखते हें। एडीएचडी का वर्णन करने के लिए डॉक्टर इन लक्षणों की जांच करते हैं। ध्यान ककी कमी और अति सक्रियता को इस तरह वर्गीकृत किया जा सकता है:
    ध्यान न दे पाने से पीडि़त – इसमें एक व्यक्ति को काम अंत तक पूरा करने में भारी कठिनाई पेश आती है। यह बच्चों की पढ़ाई को भी बुरी तरह प्रभावित करता है।




    अति सक्रिय या आवेगी विकार – इससे प्रभावित है बच्चा या व्यस्क चुपचाप नहीं बैठ या टिक सकता। इनकी बहुत बोलने की प्रवृत्ति सामान्यतया देखी गई है। ऐसे बच्चे अकसर बेचैन, आवेगी और लगातार दूसरों को बाधित करने में रस लेते हैं।

    अति सक्रिय-आवेगी प्रकार – ऐसे व्यक्ति अकसर खुद को घायल कर लेते हैं। संयुक्त प्रकार के एडीएचडी (ADHD) बच्चों या व्यस्कों में ध्यान न देने और अति सक्रिय-आवेगी दोनों के लक्षण शामिल हैं। यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि हर बच्चा जो अति सक्रिय हो, वह हमेशा एडीएचडी नहीं होता। ऐसे में इस तरह के लक्षण दिखने पर डॉक्टर का परामर्श लेना बेहतर विकल्प है।

    एडीएचडी के कारण – ADHD Ke Karan

    एडीएचडी के कई कारण हो सकते हैं। शोधकर्ताओं ने कई ऐसे कारणों की खोज की है जो बताते हैं कि यह एक जैविक और वंशानुगत स्थिति है। इससे पता चलता है कि एडीएचडी चिकित्सकीय कारण है जो किसी बच्चे या वयस्क को कई आदतें जैसे दिन में सपने देखना, ज़्यादा बोलना, आवेगपूर्ण, विस्मरण, उलझन और अनियंत्रण जैसी हालत देते हैं।
    एडीएचडी एक वंशानुगत विकार

    एडीएचडी (Attention Deficit Hyperactivity Disorder) पर कई सालों में किए गए अनुसंधान में कई तथ्य उभरकर सामने आए हैं। इनमें से वंशानुगत और जीन से ऐसे व्यवहार का आने की बात भी सामने आई है। कई अध्ययनों से पता चला है कि एडीएचडी का इलाज करवाते हुए एक बच्चे के परिवार का एक सदस्य भी विकार से पीडि़त पाया गया। हालांकि इसकी अभी तक कोई पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल इतना कहना ठीक है कि इसका काफी हद इलाज संभव है।

    गर्भावस्था भी एक कारक

    गर्भावस्था के दौरान खराब पोषण, धूम्रपान, शराब पीने से बच्चे के मस्तिष्क का विकास बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। शराब और तंबाकू के लिए जन्म के पहले का अनुभव बच्चे में एडीएचडी का विकार प्रदान करने की संभावना को बढ़ा सकता है।

    मांस-मछली या सूखे खाद्यों का सेवन

    कई अध्ययन इस बात का दावा करते हैं कि एडीएचडी से पीडि़त होने के लिए मछली की तरह समुद्री खाद्य लेने, बीफ या ज्यादा सूखे खाद्यान्न जैसे दुबला मांस जिम्मेवार है। हालांकि, यह अभी तक इसकी अंतिम रूप से पुष्टि होना बाकी है। हां, उचित मात्रा में ही इन खाद्य पदाथों को लिए जाने की सलाह उपयुक्त है।

    सिर, मस्तिष्क या स्पाइन (Spine) की चोट या बीमारी

    सिर, माथे या स्पाइन में चोट लगने से होने वाले नुकसान से एडीएचडी सहित मस्तिष्क विकार हो सकते हैं। कई अध्ययन इस बात की तसदीक करते हैं जो मस्तिष्क ट्यूमर और मस्तिष्क की चोटों और विकार के बीच एडीएचडी से संबंध की पुष्टि करते हैं।

    कुछ अन्य कारण

    एक तरह का मानसिक विकार होने के कारण इस बीमारी के सटीक कारण अभी तक ज्ञात नहीं हैं। हालांकि शोधकर्ताओं का यह कहना जरूर है कि निम्नलिखित कारण भी इस रोग के जोखिम को बढ़ा सकते हैं-

    विषाक्त पदार्थों का सेवन विशेष रूप से सीसा, एक बच्चे के मानसिक विकास को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में आगेनिक फूड की तरफ जाना सही कदम है।

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