आंवले का मुरब्बा – रेसिपी और फायदे (amle ka murabba)

आंवले का मुरब्बा – रेसिपी और फायदे (Amle Ka Murabba)

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  • आंवला (Amla – Awla) के गुणों के बारे में सही कहा जा सकता है कि यह 100 रोगों की एक दवा हैं। आंवला को दो तरीके से खा सकते हैं, ताजा हरा और सुखा कर। दोनों ही रूप में आंवला उतना ही फायदेमंद हैं। आंवले बसंत के मौसम में पेड़ों पर उगते हैं। आंवले का उपयोग सदियों से चला आ रहा हैं। आंवले के उपयोग से हम हमेशा जवान, सुंदर और स्वस्थ शरीर वाले होते हैं। आंवला सभी रोगों की अचूक औषधि हैं। आयुर्वेद में आंवला के उपयोग की महत्ता हैं। आंवला का रसायन या कहें अर्क भी बाजार में मिलता हैं। बाजार में आंवला का पाउडर, चूर्ण, सुखाया हुआ और आंवला का रस सभी प्रकार का उपलब्ध हैं। आंवले का मुरब्बा स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम हैं जिसे मौसम के चले जाने के बाद भी उपयोग में ला सकते हैं।

    आंवला मुरब्बा बनाने की विधि – Amle Ka Murabba Khane Ke Fayde




    सामग्री

      • आंवला- 1 किलोग्राम
      • चीनी- 1.5 किलोग्राम
      • इलाइची- 10 से 11
      • काला नमक- 1 छोटी चम्मच
      • काली मिर्च पाउडर- छोटा चम्मच
      • इलाइची को छीलकर कूटनी से कूटकर पाउडर बना लें

    आंवले गोदिए

    आंवलों को 2 से 3 बार पानी से अच्छे से धो लीजिए और पानी में डालकर एक दिन तक रखें। बाद में इनमें से अतिरिक्त पानी निकालकर धोकर अच्छे से पानी सुखा लें। आंवले को जगह-जगह से इस तरह गोदिए कि फॉर्क थोड़ा अंदर तक जाए। सारे आंवले इसी तरह गोदकर तैयार कर लीजिए।

    आंवले (Amle) उबाले और ठंडा होने पर नर्म होने दें

    किसी बर्तन में इतना पानी ले लीजिए कि उसमें आंवले पूरी तरह डूब जाएं। बर्तन को ढककर गैस पर पानी उबलने रख दीजिए। पानी उबलने पर इसमें आंवले डाल दीजिए और पानी में फिर से उबाल आने के दो मिनट बाद तक आंवलों को पकने दें। उसके बाद गैस बंद कर लें। आंवलों को ढककर पांच मिनट उसी पानी में रहने दें ताकि ये नर्म हो जाएं और पांच मिनट बाद इन्हें पानी से निकाल लें।

    इस तरह बनाइए स्वादिष्ट मुरब्बा – Amla Murabba Banane Ki Vidhi

    कढ़ाही में चीनी, आंवले और आधा कप पानी डाल दीजिए।आंच धीमी रखें ताकि चीनी धीरे-धीरे पिघले। अगर तेज आग कर दी जाए, तो चीनी नीचे से जलने लगती है। आंवलों को चीनी में मिक्स कर दीजिए और थोड़ी-थोड़ी देर में चीनी को चलाते हुए इसे 25 मिनिट तक पकाते रहिए। चाशनी के गाढ़े होने पर इसकी जांच कर लीजिए। थोड़ी सी चाशनी की बूंदे प्याली में गिराइए और इसके हल्का ठंडा होने के बाद, उंगली और अंगूठे के बीच चिपकाकर देखिए, चाशनी में अच्छा तार बन रहा हो, तो चाशनी सही गाढ़ी है। मुरब्बा बनकर तैयार है।

    ऐसे रखे बर्तन में

    आंवलों को कढ़ाही से निकालकर कांच के बर्तन में डाल दीजिए लेकिन चाशनी को थोड़ा ठंडा होने के बाद ही कांच के बर्तन में डालिए। उसके बाद, इसमें मसाले- काला नमक, काली मिर्च पाउडर और इलाइची पाउडर डाल दीजिए। आंवले का मुरब्बा तैयार हो गया है, लेकिन इसे हम 2 से 3 दिन बाद चैक करते रहें। 3 दिन बाद, आंवले पूरी तरह से चाशनी में डूब गए हैं। इनके अंदर तक चाशनी भर गई है अच्छे मीठे आंवले तैयार है। चाशनी को भी चैक कर लीजिए। चाशनी आंवले (Amle) के रस निकलने के कारण पतली हो गई है। यह शहद की तरीके से चिपक रही है यानि सही कन्सिस्टेन्सी में आ गई है, आंवले का मुरब्बा बनकर तैयार है।




    मुरब्बा बनाने और रखने को लेकर सुझाव – Amla Murabba Rakhne Ke Upay

        • आंवले के मुरब्बे के लिए बड़े आकार और हल्के से पके आंवले लें। पका आंवला दिसम्बर महीने में बाजार में मिलने लगता है।
        • चाशनी बनाने की जगह आंवलों में चीनी मिलाकर रख दीजिए। 4-5 घंटे बाद आंवले से जूस बाहर आने से चीनी की चाशनी अपने आप बनने लगती है।
        • आंवले के मुरब्बे को स्टील के बर्तन में पका सकते हैं लेकिन बहुत दिन के लिए छोड़ नहीं सकते। लोहे और एल्यूमीनियम के बर्तन में भूलकर भी मुरब्बा न बनाएं क्योंकि उसमें मुरब्बा खराब हो जाता है।

    आंवले के मुरब्बे में मौजूद पोषक तत्व

    आंवला में भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है। आंवले में पोटाशियम, कार्बोहाईड्रेट, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन ए, बी कांप्लेक्स, मैग्नीशियम, विटामिन सी, आयरन पाया जाता है। आंवले में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं।

    आंवले का मुरब्बा खाने के फायदे – Amle Ka Murabba Khane Ke Fayde

    आंखों की बीमारियां दूर करने में रामबाण

    आंवले का मुरब्बा आंखों के लिए बहुत फायदेमंद हैं। आंवला आंखों की दृष्टि को या ज्योति को बढ़ाता हैं। आंखों के दर्द में भी काफी फायदा होता हैं।

    रोज आंवले को शामिल करें खाने में

    आंवला शरीर की मेटाबोलिक क्रियाशीलता को बढ़ाकर पाचनक्रिया में मदद करता है। आंवला मेटाबोलिक क्रियाशीलता को बढ़ाता हैं। मेटाबोलिज्म क्रियाशीलता से हमारा शरीर स्वस्थ और सुखी होता हैं। आंवला भोजन को पचाने में बहुत मददगार है। खट्टे ढकार आना, गैस का बनाना, भोजन का न पचना इत्यादि में आंवला के पांच ग्राम पाउडर को पानी में भिगों कर सुबह शाम लें।

    महिलाओं में माहवारी को करे नियमित

    महिलाओं में महावरी नियमित है। माहवारी का देर से आना, ज्यादा रक्तस्त्राव होना, जल्दी-जल्दी आना, कम आना, पेट में दर्द का होने जैसी कई समस्यां होती रहती हैं। ऐसे में आंवले का मुरब्बा खाने से लाभ मिलता है।

    हड्डियों के लिए उत्तम

    आंवला के सेवन से हड्डियां मजबूत और ताकत मिलती हैं। आंवले के सेवन से ओस्ट्रोपोरोसिस, आर्थराइटिस या जोर के दर्द में भी आराम मिलता हैं।

    नकसीर ठीक करने के लिए कारगर

    अगर किसी को नकसीर की तकलीफ हैं तो उनके लिए आंवले के मुरब्बे का सेवन फायदेमंद हैं।

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